राहुल गाँधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की जिस 'फोर स्टार ऑफ डेस्टिनी' किताब को संसद में दिखाया, वह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। पब्लिशर 'पेंगुइन' ने इस मामले में बयान जारी किया है।
असल आश्चर्य इस किताब को पढ़ने के बाद हुआ। पूरी किताब में कहीं भी ऐसी बात नजर नहीं आई, जिस पर दंगा हो सके, दर्जनों लोगों की जानें जाएँ और लेखक पर दर्जनों बार जानलेवा हमले हों...।
डॉ. राघव पाठक नामक एक अभिभावक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तीसरी कक्षा की किताब में 'लव जिहाद' को बढ़ावा देने वाली बातें शामिल हैं।