सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया महाराष्ट्र सरकार और पुलिस से अलग रही। लोगों का कहना है कि किसी को आतंकी कह देने भर से पुलिस उसे हिरासत में कैसे ले सकती है। और अगर ऐसा किया गया है तो क्या महाराष्ट्र की पुलिस उन सब को हिरासत में लेगी, जो आए दिन प्रधानमंत्री को आतंकवादी और हत्यारा कहती फिरती है।
एक नए फेसबुक वीडियो में शाहरुख़ अदनान ने दावा किया है कि फेसबुक पर उसके नाम पर कई फेक एकाउंट्स चल रहे हैं। उसका कहना है कि वह उसकी असली ID नहीं है, एवं उसने पुलिस को इसकी जाँच करने कहा है।
ना केवल अपनी सेवाओं से बल्कि रेलवे आर्थिक स्तर पर भी देश की मदद कर रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने व रेल राज्य मंत्री ने अपनी एक महीने की सैलरी व रेलवे के 13 लाख कर्मचारियों व PSU के सभी कर्मचारियों ने अपनी 1 दिन की सैलरी PM-CARES फंड में देने का निर्णय किया। इसका कुल योगदान 151 करोड़ हुआ।
पाकिस्तान में डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन देश में सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ था। डॉक्टरों के उग्र होने की वजह एक यह भी है कि वहाँ अब तक 13 डॉक्टरों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इतना ही नहीं, एक डॉक्टर और एक नर्स की कोरोना से मौत भी हो चुकी है वहाँ।
एम्स के एक नर्स का कहना है कि ग़लती डॉक्टर की ही है लेकिन जानबूझ कर उसे हीरो बनाया जा रहा है। मीडिया में फैलाया जा रहा है कि वो मरीजों का इलाज करते हुए बीमार पड़ा, उसे मरीजों से संक्रमण हुआ। मुस्लिम होने के कारण उसकी पहचान छिपाई जा रही है।
महिला के परिवार की तरफ से शव लेने से इंकार करने के बाद सारी औपचारिकताएँ ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगसीर सिंह ने पूरी की और शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुँचाया। परिजन अंतिम संस्कार को दूर अपनी कार में ही बैठकर देखते रहे। वे कार से उतरे भी नहीं।
पुलिस के पास पहुँची ऑडियो क्लिप में विधायक दावा कर रहा है कि क्वारंटाइन सेंटर्स में लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं, जबकि वास्तविकता में वो बिलकुल फिट और स्वस्थ हैं। वे वहाँ स्वस्थ लोगों को इंजेक्शन देते हैं, ताकि वो बीमार हो जाएँ और कोरोना मरीज बन जाएँ।
ग्वालियर में 18 मार्च को मरकज़ से लौटे 14 जमातियों की शिनाख्त हुई है। इनमें से 6 जमाती ही जंगल के अंदर दावलपीर दरगाह में छिपकर मुर्गा पार्टी कर रहे थे। जिसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इन्हें 144 का उल्लंघन करने पर पकड़ लिया।
"तबलीगी जमात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है। मुस्लिम समाज के लोगों को गलत तरीके से पेश करने की वजह से मुस्लिमों की जिंदगी और उनकी आजादी को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस वजह से संविधान की धारा-21 के तहत मिले जीवन के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।"