रिजवान की गिरफ्तारी से भड़के दाऊद ने मचमच को (जो उस समय यूएई में था) बुलाकर अपने परिवार की नई पीढ़ी को अपराध की दुनिया में घसीटने पर लताड़ा। कहा जा रहा है कि रिजवान मचमच के इशारे पर ही काम करता था और उसे अंडरवर्ल्ड में भी वही लेकर आया था।
जबरन सबरीमाला मंदिर में घुसने की असफल कोशिश करने वाली बिन्दु थनकम कल्याणी ने आरोप लगाया कि उसके पति ने अपनी ही बेटी को अगवा करके उसका धर्म परिवर्तन करा डाला। इसके बाद बेटी का स्कूल भी बदलवा कर मुस्लिम स्कूल में भर्ती करवा दिया।
पीड़िता के पिता हाजी जहूर ने सूरजपुर एसएसपी को लिखित शिकायत की है कि पीड़िता के ससुराल वाले पहले भी उसके साथ मारपीट करते थे। उसने इस मामले में ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत भी की थी, लेकिन बाद में समझौता हो गया था।
इस मामले की शिकायत वार्ड 7 में रहने वाले मनोज कुमार ने महिला पुलिस थाने में करवाई। जिसके बाद आरोपित इसराइल को गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपित फिलहाल अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक उनकी तलाश की जा रही है।
इस चिट्ठी में पीड़िता की माँ ने लिखा था कि 7 जुलाई 2019 को आरोपित शशि सिंह के पुत्र नवीन सिंह, विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई मनोज सिंह सेंगर, कुन्नू मिश्रा और दो अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके घर आकर सुलह न करने की स्थिति में उन्हें फर्जी मुकदमे में फँसाकर सभी को जेल भेजने की धमकी भी दी गई थी।
उन्नाव रेप मामले में आए दिन नए खुलासे होने से साफ़ हो चुका है कि साजिश बड़ी और उलझी हुई है। ऐसे में कई सारी खबरों के बीच सिर्फ 30 पॉइंट में समझिए इस पूरी घटना की A से लेकर Z तक की कहानी।
बीजेपी की इस कार्रवाई से पहले कल ही उन्नाव रेप केस की पीड़िता के रायबरेली के गुरबख्शगंज में एक ट्रक के पीड़िता की कार को टक्कर मारने के मामले में उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
पहले यह अनुमान लगाया गया था कि फातिमा ने पहले अपने तीनों बच्चों अलीफिया, ज़ेबा और जियान की हत्या की और फिर खुद आत्महत्या लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले में एक बड़ा ट्विस्ट आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों बेटियों की हत्या से पहले रेप किया गया था। जिसके बाद पुलिस महिला के पति अकरम को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पीड़िता की बहन ने सरकार से माँग की है कि दुर्घटना जाँच सीबीआई से हो। इस बीच रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा ने लिखित तहरीर देते हुए इस मामले को भी मुख्य मामले के साथ जोड़कर सीबीआई को जाँच सौंप देने की अपील की है।
"विधायक गीता गोपी के खिलाफ जातिवादी भेदभाव चौंकाने वाला है। यह आपराधिक और बेहद निंदनीय है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस स्थान पर गाय का गोबर-मिश्रित पानी डाला, जहाँ लोकतांत्रिक ढंग से विरोध-प्रदर्शन किया गया।"