पड़ताल में सामने आया कि अलग अलग चैनलों या अलग-अलग वक्त पर दिए गए बयानों में से शॉट्स लेकर ऑडियो क्लिप बनाई गई है। इस ऑडियो क्लिप में एक महिला के सवालों पर राजनाथ और अमित शाह के बयानों को ऐसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था कि जैसे पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रची जा रही हो। जिसका पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा चलाने के लिए इस्तेमाल किया था।
पुलिस का कहना है कि इन बदमाशों ने टोल के ऑफिस पर क़रीब पाँच मिनट तक ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाई। परिस्थिति को गंभीर होता देख वहाँ मौजूद सिक्योरिटी गार्ड्स ने इन बदमाशों पर जवाबी गोलीबारी की।
अगर एक हाइमन के ब्रेक हो जाने से उसके चरित्र पर ही उँगलियाँ उठें और शर्मसार हो जाना पड़े तो जरूरी है कि न केवल महाराष्ट्र की सरकार बल्कि पूरे देश में इस ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ को अपराध घोषित कर दिया जाए।
इस मामले को अधिकारियों ने घृणा अपराध मानकर जाँच शुरू कर दी है। इस घटना की निंदा करते हुए मेयर ने शहर के सभी निवासियों से अपराध के ख़िलाफ़ खड़े होने की अपील की है।