पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए पंजाब में टारगेट किलिंग करवाने वाले मोस्ट वांटेड गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी सुख बिकरीवाल को सुरक्षा एजेंसियाँ दुबई से डिपोर्ट करके दिल्ली लाई।
तीनों 2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता रुल्दा सिंह की हत्या के मामले में आरोपित हैं। इनकी पहचान गुरशरणबीर सिंह वहीवाला, अमृतबीर सिंह वहीवाला और प्यारा सिंह गिल के रूप में हुई है।
आरोप है कि निज्जर साल 2017 में भारत से फरार होकर यूरोप चला गया था और इन दिनों यूरोप के साइप्रस में रह रहा था। उसके खिलाफ महाराष्ट्र के पुणे में आपराधिक मुकदमा दर्ज है।
कई खालिस्तानी झंडों के साथ पहुँची भीड़ ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने ही राष्ट्रपति महात्मा गाँधी की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ कर के अपमान किया और फिर तोड़फोड़ भी मचाई।
“समस्या यह है कि पूरा तंत्र ऐसा बना हुआ है जिसमें देश विरोधी ताकतों को फलने-फूलने का मौक़ा मिलता है। इस भ्रष्ट तंत्र के विरुद्ध हमारी संख्या बहुत कम है लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूँ कि एक न एक दिन बदलाव आएगा।"
"SFJ भारतीय सेना में शामिल सिख सैनिकों को उकसाने के साथ-साथ कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारत के लिए कश्मीर के अलगाव को खुले तौर पर समर्थन देने की कोशिश कर रहा है।"
प्रो-खालिस्तानी समूह सिख फॉर जस्टिस ने सोमवार को लंदन, बर्मिंघम, फ्रैंकफर्ट, वैंकूवर, टोरंटो, वाशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क में 10 दिसंबर को भारतीय वाणिज्य दूतावास बंद करने की धमकी दी।