कई खालिस्तानी झंडों के साथ पहुँची भीड़ ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने ही राष्ट्रपति महात्मा गाँधी की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ कर के अपमान किया और फिर तोड़फोड़ भी मचाई।
“समस्या यह है कि पूरा तंत्र ऐसा बना हुआ है जिसमें देश विरोधी ताकतों को फलने-फूलने का मौक़ा मिलता है। इस भ्रष्ट तंत्र के विरुद्ध हमारी संख्या बहुत कम है लेकिन मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूँ कि एक न एक दिन बदलाव आएगा।"
"SFJ भारतीय सेना में शामिल सिख सैनिकों को उकसाने के साथ-साथ कश्मीर के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भारत के लिए कश्मीर के अलगाव को खुले तौर पर समर्थन देने की कोशिश कर रहा है।"
प्रो-खालिस्तानी समूह सिख फॉर जस्टिस ने सोमवार को लंदन, बर्मिंघम, फ्रैंकफर्ट, वैंकूवर, टोरंटो, वाशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क में 10 दिसंबर को भारतीय वाणिज्य दूतावास बंद करने की धमकी दी।
हम मोदी सरकार के पिछले 6 वर्षों को याद करें तो इस दौरान कई ऐसी परिस्थितियाँ सामने आई, जिसे फर्जी तरीके से गढ़ा गया था। चाहे वो राफेल रोना होना हो या जज लोया की मौत और उसके साथ लगाए गए झूठे इल्जाम। इतना ही नहीं....