अहसान गाजी ने घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और भारत में शरिया कानून लागू करने के लिए डार को हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की खेप मुहैया कराने का वादा किया था।
अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के खिलाफ 20 याचिकाएँ दर्ज की गई हैं। CJI चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, संजीव खन्ना, बीआर गवई और सूर्यकांत इस संवैधानिक पीठ का हिस्सा होंगे।