J&K में 2016 की तुलना में, 2020 में ऐसी घटनाओं में गिरावट 90% रही है। अनुच्छेद 370 के निष्क्रीय होने से पहले घाटी में पत्थरबाजी एक 'लोकप्रिय' हथियार बन चुका था।
आंतकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बुधवार को एक मंदिर को निशाना बनाकर ग्रेनेड फेंका। लेकिन इसका निशाना चूक गया और यह थोड़ी दूर जाकर फटा, जिससे वहाँ मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी की स्थिति बन गई।
16 घंटे चली इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया। गणतंत्र दिवस से पहले ये आतंकी जम्मू कश्मीर में किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे।