इस्लामी भीड़ और उनकी तैयारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह पहले तो हिंदुओं की दुकानों और फिर हमारे मकानों को अपना निशाना बनाना चाहते थे। अच्छा हुआ दिल्ली पुलिस का कि उसने समय रहते हालातों को काबू में कर लिया।
अंकित शर्मा को 6 लोगों ने लगातार 2 से 4 घंटे तक 400 बार चाकुओं से गोदा होगा। साथ ही, उनकी आँत को शरीर से बाहर निकाल दिया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह से यातना का शिकार और क्षत-विक्षत बॉडी उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।
जानकारी मिली कि इस्लामी भीड़ हिंदुओं के घरों को अपना निशाना बना रही है। हमने अपने-अपने चारों बच्चों को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से निकाला और दूसरी गली में एक परिचित के घर पहुँचा दिया। हम इतने डर गए कि सोमवार को पूरे दिन और पूरी रात भूखे प्यासे बच्चों के साथ घर में कैद रहे।
'यूथ अगेंस्ट जिहादी हिंसा' शाम 5 बजे मार्च निकालेगी। मार्च जंतर-मंतर के पास स्थित केरल हाउस से शुरू होकर अशोका रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगी। 'यूथ अगेंस्ट जिहादी हिंसा' ने AISA, PFI को बैन करने की भी माँग की है।
"मुस्लिम लोग जो सीएए-एनआरसी का विरोध कर रहे हैं, लोगों को मार रहे हैं, ये बहुत गलत कर रहे हैं। इन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। इन्होंने कई घरों का नाश कर दिया। इसमें एक घर हमारा भी बर्बाद हो गया।"
पुलिस ने जब हिंसा प्रभावित इलाकों की ड्रोन कैमरों के जरिए जाँच की तो दिल्ली के शिव विहार इलाके में दिल्ली पुलिस को कई घरों की छतों पर इक्कट्ठे किए हुए पत्थर देखने को मिले। पुलिस अब इन घरों को चिन्हित कर कार्रवाई की बात कह रही है।
AAP के संयोजक मयूर पंघाल (Mayur Panghaal) ने IB अधिकारी को अपमानित करते हुए सोशल मीडिया पर कई अपमानजनक ट्वीट किए। उसने ना सिर्फ मृतक अंकित शर्मा को ठुल्ला कहा, बल्कि यह भी कहा कि मरे हुए ठुल्ले के लिए उसे कोई अफ़सोस नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में 12 से अधिक लोगों की पहचान कर ली है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा में दो गैंग इरफ़ान छेनू और नासिर गैंग के शामिल होने की बात भी की है।
राजस्थान के सीकर निवासी मृतक हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल वर्ष 1998 में कॉन्स्टेबल के पद पर दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। सोमवार को दिल्ली के गोकुलपुरी में हुई सीएए के नाम पर हुई हिंसा में हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल बुरी तरह जख्मी हो गए थे। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।