सीजेआई ने लगभग एक महीने से अधिक समय से कृषि सुधार क़ानूनों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 'किसान आंदोलन' में निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात जैसी स्थित पैदा हो सकती है।
दिल्ली के सीमावर्ती कैंप पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने आंदोलन को लंबा खिंचता देख कर ईंंट-गारे से ‘पक्के’ ठिकाने बनाने शुरू कर दिए। टीकरी बॉर्डर पर कुछ किसान ईंट, बालू और सिमेंट लेकर पहुँचे।