'गुरु गोबिंद सिंह एक महान योद्धा, दार्शनिक, कवि और गुरु थे। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उनकी शिक्षा हमेशा धर्म और जाति की बेड़ियों को तोड़ने के लिए रही'
जिन पत्रकारों ने इस मुद्दे पर लिखा है, उनमें से किसी ने भी (उस महिला पत्रकार को छोड़कर, जिसने एक मिनट से भी कम बात की) जस्टिस सिकरी या जस्टिस पटनायक से संपर्क नहीं किया, न ही करने की कोशिश की
पीएम पर कटाक्ष करते समय जिग्नेश मेवानी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के बीच का अंतर भूल गए। अपने ट्वीट में जिग्नेश ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री 26 जनवरी के लिए भी कुछ बोलना बाक़ी रखेंगे?
मथुरा के कोसीकलाँ कस्बे में 'किसानों से संवाद' कार्यक्रम के दौरान एक जनसंवाद रैली को संबोधित करते हुए अजीत सिंह ने स्मृति ईरानी को 'हट्टी-कट्टी गाय' बता दिया।
अमित शाह ने कहा कि इस युद्ध में एक तरफ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण की विचारधारा है जबकि दूसरी तरफ स्वार्थ और सत्ता के लिए एकजुट लोगों का जमघट है, जिनके पास ना ही कोई नेता है और ना ही कोई नीति
2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का यह बहुत बड़ा कदम माना जाएगा। इस फैसले से मालूम पड़ता है कि भाजपा में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा नेतृत्व करने वाले लोगों के लिए जगह तैयार की जा रही है