आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उन पर वित्त मंत्री रहते आईएनएक्स मीडिया ग्रुप को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन हासिल करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी में अनियमितता बरततने का आरोप है।
चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि वे प्रभावशाली व्यक्ति हैं। अपने रसूख का इस्तेमाल गवाहों को प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ के लिए कर सकते हैं। चिदंबरम 21 अगस्त को गिरफ्तार किए गए थे।
सरकार ने जिन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी है सभी उस वक्त वित्त मंत्रालय में तैनात थे, जब कथित तौर पर INX मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड मंज़ूरी देने में अनियमितताएँ बरती गई थी। इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं।
पी चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में अभी तिहार जेल में बंद हैं। इससे पहले उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया था। चिदंबरम ने ख़ुद के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि वह जल्द लौटेंगे।
यह मुलाकात कॉन्ग्रेस पार्टी के आला नेताओं का स्कोर गेनिंग का एक प्रयास है। क्योंकि पार्टी लगातार इसे ऐसा दिखाना चाहती है जैसे यह भयंकर भ्रष्टाचार के कारण नहीं बल्कि राजनीतिक दुश्मनी की वजह से उठाया गया कदम है। इससे पहले, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद और अहमद पटेल पिछले हफ्ते तिहाड़ जेल में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात कर चुके हैं।
पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट में पेशी के दौरान कहा कि चिदंबरम को तिहाड़ जेल में लेटने के लिए बिस्तर तो मिला है, लेकिन तकिया नहीं दिया गया है। बैठने के लिए कुर्सी भी नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें जमीन पर बैठना पड़ता है।
सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम को कई बीमारियाँ हैं और हिरासत में रहने के कारण उनका वज़न भी कम हुआ है। बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता पाँच सितंबर से न्यायिक हिराासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं।
भाजपा को आम तमिल ही नहीं, राज्य की प्रभावशाली हस्तियों के भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इनमें फिल्म अभिनेताओं रजनीकांत और कमल हासन के नाम भी शामिल हैं।
गृह मंत्री रहते चिदंबरम ने हिंदी के पूरे देश की भाषा बनने की उम्मीद जताई थी। सरकारी दफ्तरों में संवाद के लिए हिंदी के इस्तेमाल पर जोर दिया था। लेकिन, अब जिस तरह उनकी पार्टी और गठबंधन के साथी अमित शाह के बयान पर जहर उगल रहे हैं उससे जाहिर है यह अंध विरोध के अलावा कुछ भी नहीं।
चिदंबरम ने ट्वीट में बिगड़ी अर्थव्यवस्था का जिक्र किया। उन्होंने देश से घटते निर्यात को लेकर चिंता जताई। मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान इस देश को बचाए।