"पाकिस्तान और बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आने के बाद मटुआ समुदाय के लोग भारत में शरणार्थी की तरह रह रहे हैं। हम उन्हें किसी भी सूरत में नागरिकता देकर रहेंगे और ऐसा करने से हमें कोई नहीं रोक सकता है।"
राज्यपाल ने राज्य में लगातार हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद किसी भी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई।