लखनऊ गेस्ट हाउस कांड मामले में मुलायम सिंह यादव, उनके भाई शिवपाल सिंह यादव, बेनी प्रसाद वर्मा और आजम खान सहित कई नेताओं के खिलाफ मायावती की ओर से हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। फिलहाल, मायावती ने सिर्फ मुलायम सिंह यादव पर ही नरमी दिखाई है।
गोली लगने से जख्मी यासीन की हालत स्थिर है। उसने बताया कि वह मछली मारने के लिए साजिद के रिसॉर्ट के पास स्थित तालाब में गया था। इसी दौरान उस पर गोली चलाई गई।
"कॉन्ग्रेस पार्टी ने पहले राजस्थान में बसपा विधायकों को तोड़ा और अब मूवमेन्ट को अघात पहुँचाने के लिए वहाँ के वरिष्ठ लोगों पर हमला करवा रही है, जो अति-निन्दनीय व शर्मनाक है। कॉन्ग्रेस अम्बेडकरवादी मूवमेन्ट के खिलाफ काफी गलत परम्परा डाल रही है....."
नागपुर की रैली में बसपा सुप्रीमो ने कहा कि देशव्यापी धर्म-परिवर्तन तभी संभव हो सकता है जब 'बाबा साहब के अनुयायी' उनके बताए रास्तों पर चलें। बता दें कि नागपुर की ही दीक्षा भूमि में भीमराव आंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपना लिया था।
बसपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि गाँव में चल रहे एक मुकदमे के मामले में दबाव बनाने के लिए उन्हें साजिश के तहत फँसाया जा रहा है।
पीड़िता ने कहा कि आरोपित अतुल को लोग कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से छूट जाएँगे और फिर उसका उन्नाव रेप पीड़िता से भी बदतर हाल करेंगे। पीड़िता ने कहा कि उसने न्याय के लिए CJI को भी पत्र लिखा है।
वीरेंदर उर्फ़ काले को मार गिराने की इस वारदात में 10 से अधिक अपराधी शामिल थे। हत्या करने के बाद सभी अपराधी भाग निकले। हमलावरों का सुराग पाने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खँगाल रही है।
"काशीराम की मौत स्वभाविक नहीं थी। उनकी मौत संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई। वे मायावती की निगरानी में थे। काशीराम की बहन ने कहा था कि मायावती ने उनकी हत्या की है। मैं मुख्यमंत्री से इस मामले की सीबीआई जॉंच की गुजारिश करूंगा।"