बोस परिवार ने घुसपैठी का पीछा किया तो उसने धारदार हथियार निकाल लिया। हमलावर ने श्यामलेंदु सहित उनकी पत्नी पर भी हमला कर दिया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
ऐश्वर्या बताती हैं कि अब तक उनकी माँ के भारतीय पहचान पत्र नहीं बन पाए थे जिसकी वजह से उनका परिवार गैस कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित था, लेकिन अब सब खुश हैं।
पीलीभीत जिले के न्यूरिया हुसैनपुर गाँव में रहने वाले निरंजन मंडल को अब भारतीय नागरिकता मिल पाई है। वह 74 वर्ष के हैं। निरंजन मंडल 1971 में भाग कर भारत आए थे।