ग्वालियर से कॉन्ग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने प्रधानमंत्री मोदी के रात नौ बजे नौ मिनट पर 'दिया जलाने' की मुहिम का समर्थन करने का एलान कर दिया। ट्विटर पर पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता "आओ फिर से दिया जलाएँ" के जरिए उन्होंने कहा कि यही एकता प्रदर्शित करने का समय है और...
एक अप्रैल को शहर के जिस इलाके में डॉक्टरों पर पथराव किया गया था वहॉं से 10 संक्रमित मिले हैं। मरने वालों में 42 वर्षीय व्यक्ति से लेकर 80 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं। इस बीच एक संक्रमित लड़की के लिफ्ट लेकर अस्पताल से घर पहुॅंच जाने का मामला भी सामने आया है।
चाकू पर थूक लगाकर तरबूज काटकर बेचने की शिकायत पर बैतूल बाजार पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ FIR कर लिया है। पुलिस ने उनका तरबूज से भरा ऑटो भी जब्त कर लिया गया। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना को देखा, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
“दो कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले 23 लोगों के सैंपल जाँच के लिए भेजे थे। 10 लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इनमें 8 महिलाएँ हैं। सभी संक्रमित 12 लोगों को अस्पताल में क्वारंटाइन किया गया है। जिन्हें संक्रमित नहीं पाया गया है उन्हें उनके घरों में 14 दिन के लिए आइसोलेट किया गया है।”
देश भर में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की बाजी लगा कर ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन मुस्लिम बहुल इलाक़ों में उन पर हमले का सिलसिला थम नहीं रहा है। ये घटना शुक्रवार रात की है जब पुलिस लोगों को समझाने के लिए सड़कों पर निकली हुई थी।
गिरफ्तार आरोपितों ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने "समोसे वाली चाची" के उकसाने पर पथराव किया था। आरोपितों ने पूछताछ में कुबूला कि मुबारिक की अम्मी (समोसे वाली चाची) के घर में स्वास्थ्यकर्मी स्क्रीनिंग कर रहे थे, तभी चाची ने आवाज लगाई। इस पर भीड़ जुट गई। इसके बाद चाची ने डॉक्टरों को धमकाया और भीड़ को उकसाया। इसके बाद पथराव शुरू हुआ।
बेंगलुरु में कोरोना वायरस से जुड़ा डेटा कलेक्ट करने गई एक आशा कार्यकर्ता पर लोगों ने हमला कर दिया। कार्यकर्ता कृष्णावेनी का आरोप है कि एक मस्जिद से लोगों को भड़काया गया और इसके बाद उन पर हमला किया गया।
उज्जैन की एक मस्जिद में मौलवी बुधवार की रात 25-30 लोगों को नमाज अदा करवा रहा था। पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो नमाज अदा कर रहे लोगों को बाहर निकाला गया। मौलवी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए मस्जिद में ताला जड़ दिया गया है।
इंदौर प्रशासन ने वहाँ अर्धसैनिक बल की तैनाती करने का निर्णय लिया है। पथराव और हमला करने वालों के वीडियो वहाँ मौजूद स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए थे। चश्मदीदों से भी वीडियो में नज़र आने वालों की शिनाख्त करवाई जा रही है।
क्राइम ब्रांच एएसपी ने बताया आरोपित इरशाद नाम के युवक ने व्हाट्सएप पर 'मस्ती की पाठशाला' नाम से ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में जुड़े कई युवक लगातार संदेश लोगों को संदेश भेजकर यह भ्रम फैला रहे थे कि कोरोना के इलाज की आड़ में जो डॉक्टर उनके मोहल्लों में आ रहे हैं, वे जहरीला इंजेक्शन दे रहे हैं। इसलिए उनका बहिष्कार करें।