जज कौशिक चंदा ने कहा कि वो व्यक्तिगत रूप से इस मामले में आगे की सुनवाई करने का कोई इरादा नहीं रखते, क्योंकि वो नहीं चाहते कि कोई न्यायपालिका को बदनाम करे।
शुभेन्दु अधिकारी का यह कहना था कि भले ही उन्हें केन्द्रीय सुरक्षा प्राप्त है लेकिन पायलट कार, रूट लाइनिंग और सार्वजनिक सभाओं के दौरान विभिन्न स्थानों के निरीक्षण के लिए उन्हें राज्य की सहायता की भी आवश्यकता है।
राज्यपाल के अभिभाषण से दोपहर 2 बजे इसकी शुरुआत होगी, लेकिन गवर्नर ने पहले ही साफ कर दिया है कि वो ममता सरकार की लिखी सभी चीजों को सदन में नहीं बोलेंगे।
ममता ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे आदमी को राज्यपाल के पद पर क्यों बने रहने देना चाहती है? ममता ने यह भी दावा किया कि एक पत्रकार ने उन्हें जैन हवाला मामले में राज्यपाल धनखड़ के शामिल होने के बारे में पूरी डिटेल भेजी है।