कुल 90 सीटों में से कॉन्ग्रेस-शिवसेना के 59 पार्षद थे। वहीं, बीजेपी समर्थित कोणार्क विकास अघाड़ी के पास केवल 31 पार्षद थे। लेकिन, जब अंतिम परिणाम आया तो कॉन्ग्रेस के 47 में से 18 पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया और कोणार्क विकास अघाड़ी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल 49 वोटों के साथ मेयर चुनी गईं।
विपक्षी दलों को दिक्कत बुलेट ट्रेन से नहीं है। उनका विरोध राजनीतिक ओछेपन के अलावा कुछ नहीं है। उनको दिक्कत इस बात से है कि यदि यह परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी तो इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को जाएगा।
"400 कार्यकर्ता BJP में शामिल हुए हैं। हम सब ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे क्योंकि शिवसेना ने भ्रष्ट और हिन्दू-विरोधी दलों से हाथ मिलाकर सरकार बनाई है। अभी कई और भी कार्यकर्ता हैं, जो शिवसेना के इस क़दम से नाराज़ हैं और वो भी..."
पवार ने मोदी के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर वे उनके साथ हैं। वहीं, उनकी सांसद बेटी ने कहा है कि पीएम ने उनमें जो भरोसा जताया है उसके लिए वे उनकी शुक्रगुजार हैं।
रश्मि ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई का कहना है कि वे सीएम उद्धव की ओर से बैठक में हिस्सा ले रहे थे। सहयोगी एनसीपी को यह सफाई पसंद नहीं आई। उसने कहा है कि उद्धव ठाकरे की अनुभव की कमी साफ़ दिख रही है।
पंकजा ने उन अफवाहों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि पार्टी पर दबाव बनाने के लिए उन्होंने ट्विटर परिचय से ‘‘भाजपा’’ हटाया था। सोमवार को पंकजा ने राजेंद्र प्रसाद को उनकी जयंती पर याद करते हुए ‘कमल’ (भाजपा का चिह्न) की तस्वीर पोस्ट की थी।
संजय ने कहा कि सभी मुंबई वालों के साथ उनकी भी यही डिमांड है कि इस निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर देना चाहिए। गौरतलब है कि आरे में मेट्रो परियोजना के लिए पेड़ काटने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है।
इस रवैये के क्रम में महाराष्ट्र के कई विकास कार्यों को स्थगित कर दिया गया है। इनमें पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना का स्थगित होना भी शामिल है।
“विधानसभा चुनाव में हार के बाद पंकजा मुंडे आत्मनिरीक्षण कर रही हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह भाजपा छोड़ रही हैं। दुर्घटनावश बनी सरकार उनके बारे में निराधार खबरें फैला रही है।”