आकिब पर अपने दो दोस्तों आदिल, नाजिक के साथ मिल कर एक दलित नाबालिग लड़की का बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। शनिवार को हुई इस घटना का मुख्य आरोपित मोहम्मद आदिल उर्फ़ छोटका उर्फ आतंकवादी को पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है। एक अन्य आरोपित नाज़िक को पहले ही ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
जब पीड़िता की तबियत खराब होने लगी तो उसने अपने माता-पिता को बताया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिन्होंने आरोपितों के विरुद्ध बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने में दर्ज कर लिया। दोनों आरोपितों की तलाश जारी है।
आरोपित जसीम ने पीड़िता को नशीला पेय पदार्थ पिलाकर उसके साथ तब तक बलात्कार किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई और उसके बाद उसने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें लीं। वह उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उस पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव डालने लगा।
एसआईटी का दावा है कि अश्लील वार्तालाप और मसाज सहित लगभग सभी आरो चिन्मयानन्द ने कबूल कर लिए हैं। इनके बारे में विस्तार से बताने से मना किया है, क्योंकि उसे अपने किए पर शर्म आ रही है। SIT परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जाँच कर रही है।
पीड़िता के भाई ने इस बात की जानकारी दी कि शबनम का एक तीन साल का बेटा है और तीन माह की एक बच्ची थी। उन्होंने बताया कि बुधवार को ससुरालवालों ने उनकी बहन और तीन माह की बच्ची को ज़िंदा आग के हवाले कर दिया।
पीड़ित महिला बस का इंतज़ार कर रही थी। तभी आरोपित शकील ने उसे अपने ऑटो में बैठने को कहा। महिला के मना करने पर उसने अपनी पैंट की ज़िप खोलकर गुप्तांग निकाला और दिखाने लगा। जब महिला अपनी माँ को फ़ोन करने लगी तो वहाँ से चले जाने की बजाय उसने वहीं हस्तमैथुन...
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को काफ़ी शेयर किया गया जिससे गांगुली की यह हरक़त प्रशासन तक पहुँच बना सके। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजिजू ने पुलिस से इस जघन्य अपराध के लिए कोच के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है
"अस्पताल प्रभारी मोहम्मद जावेद आलम बिल पास करवाने के बदले में एक रात साथ में सोने के लिए कहता है। गाली-गलौच के साथ बात करता है। वो बोलता है कि तुम बहुत बोलती हो, मारेंगे लात तो बाहर छिटका देंगे, निकाल देंगे।"
इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने करवान इलाके के नदीम को सम्मानित भी किया, क्योंकि हैदराबाद के वो पहले शख्स थे जिन्होंने तेलंगाना के रंग रेड्डी गाँव में मोइनबाद मंडल के पास एक छोटी बच्ची का बलात्कार होने से बचाया था। पुजारियों ने उन्हें इस दौरान आशीर्वाद के साथ 'जटायु सेना' का पहला सदस्य होने का सम्मान दिया।