आरफा खानम और राणा अय्यूब जैसी कथित पत्रकार जो पत्रकारिता की आड़ में इस्लामी प्रोपेगेंडा फैलाती हैं, वो सीएम योगी के डेंटिंग-पेंटिग वाले तीखे बयानों से खफा है।
2021 में केस दर्ज होने के बाद जाँच शुरू हुई। ईडी ने पाया कि अयूब ने धोखाधड़ी की नियत से फंड जुटाए और उसके बाद उस पैसे को अपने पिता और बैंक के खाते में डाला।