वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पिछले 5 सालों में मोदी सरकार ने सिर्फ ऑयल बॉन्ड्स के ब्याज पर ही 70,195.72 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और साल 2026 तक 37,000 करोड़ रुपए ब्याज का भुगतान किया जाना है।
देशभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। महामारी के हालात को देखते हुए केंद्र ने 25 राज्यों की ग्राम पंचायतों के लिए 8923.8 करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी की है।
इस साल का आँकड़ा पिछले साल दिसंबर 2019 में एकत्र किए गए टैक्स से 12 फीसदी ज्यादा है। चालू वित्त वर्ष में यह लगातार तीसरा महीना है, जब जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है।
मोदी सरकार की ओर से दी गई राहत का सीधा मतलब यह है कि जिन लोगों ने लोन मोरेटोरियम का लाभ लिया है, उन्हें ब्याज पर अतिरिक्त पैसे नहीं देने होंगे। ग्राहक सिर्फ लोन का सामान्य ब्याज देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मई में घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कई योजनाओं पर वित्त मंत्रालय ने प्रगति रिपोर्ट पेश की है।