वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी देते हुए बताया कि यस बैंक में भारतीय स्टेट बैंक 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी। इस दौरान वित्तमंत्री ने साफ किया कि SBI 3 साल तक अपनी स्टेक को 26 फीसदी से कम नहीं कर सकेगी। इसके अलावा प्राइवेट लेंडर्स भी इसमें निवेश करेंगे।
1) 2006 से 2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से निकाला गया। 2) डिपॉजिट इन्सुरेंस कवर को 1 लाख रूपए प्रति व्यक्ति से बढ़ा कर 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया। ऐसे ही 25 पॉइंट्स में समझें पूरा बजट। जानें किस मंत्रालय को मिला कितना आवंटन।
जिसकी वार्षिक आय 10 लाख रुपए से लेकर 12.5 लाख रुपए तक है, उनके लिए इनकम टैक्स रेट अभी 30% था। इसे घटा कर 20% कर दिया गया है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वालों के लिए टैक्स रेट 15% कर दिया गया है।
1 लाख ग्राम पंचायतों में 'होम टू फाइबर नेट' भारतनेट कनेक्शन पहुँचाए जाएँगे। 6 लाख आंगनबाड़ी सेंटरों को मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध करा 10 करोड़ परिवारों को विभिन्न फायदे पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। 2025 तक 100 नए एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने सरकार को सलाह दी है कि मंद आर्थिक विकास दर को देखते हुए राजस्व घाटे से ज्यादा ग्रोथ पर ध्यान दिया जाए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पीएमओ के साथ बैठक में विदेशी निवेशकों को लुभाने पर जोर देने की वकालत की।
वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी लिखा कि मोदी सरकार अपने दोस्त उद्योगपतियों को बचाने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सूर्यकांत मिश्रा और सुजन चक्रवर्ती सहित अन्य वामपंथी नेताओं ने भी इस ख़बर के आधार पर सरकार को आड़े हाथों लिया।
कई पत्रकारों व 'गिरोह विशेष' ने इसे मीडिया पर सरकार द्वारा हमला के रूप में प्रचारित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने ऐसा दिखाने की कोशिश की कि सरकार मीडिया से डर गई है और पत्रकारों को मंत्रालय में नहीं घुसने दे रही है। लेकिन, इनके झूठ की पोल खुल गई।
12 ‘दागदार’ व ‘सुस्त’ वरिष्ठ अधिकारियों को समय-पूर्व रिटायरमेंट देने के बाद एक और बार अकुशलता पर चाबुक चलाते हुए मोदी सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व कस्टम बोर्ड के 15 बड़े अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया है। इन सभी अधिकारियों पर पद की नियमावली के खिलाफ काम करने...