Homeराजनीतिअलविदा ब्रीफकेस कल्चर! 'बही-खाता' लेकर पहुँचीं निर्मला: रेलवे को लेकर भी बड़ी घोषणाएँ संभव

अलविदा ब्रीफकेस कल्चर! ‘बही-खाता’ लेकर पहुँचीं निर्मला: रेलवे को लेकर भी बड़ी घोषणाएँ संभव

आम बजट के अंतर्गत ही आज रेलवे बजट भी पेश किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा इस बार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को लेकर भी रेल बजट में बड़ी घोषणाएँ की जा सकती हैं।

आम बजट 2020 के ‘बही-खाता’ को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से निकल संसद पहुँच गई हैं। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। निर्मला सीतारमण इस बार अपना दूसरा बजट पेश करने जा रही हैं। बजट के बस्ते का रंग इस बार भी लाल ही है, जो मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में चर्चा का विषय रहा है। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ब्रीफकेस में बजट न पेश कर के ‘बही-खाता’ में पेश किया जा रहा है।

आज शनिवार होने के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज कारोबार के लिए खुला रहेगा। इससे पहले फ़रवरी 28, 2015 को ऐसा हुआ था, जब शनिवार के दिन के दिन एनएसई और बीएसई ट्रेडिंग के लिए खुला रहा था।

हालाँकि, शेयर बाजार पर आम बजट के प्रभाव को लेकर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण का पिछला अनुभव शानदार नहीं रहा था। जुलाई 2019 में जब उन्होंने अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया था, तब उस ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स ने 2% की गिरावट दर्ज की थी। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने सरकार को सलाह दी है कि मंद आर्थिक विकास दर को देखते हुए राजस्व घाटे से ज्यादा ग्रोथ पर ध्यान दिया जाए। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पीएमओ के साथ बैठक में विदेशी निवेशकों को लुभाने पर जोर देने की वकालत की।

बता दें कि आम बजट के अंतर्गत ही आज रेलवे बजट भी पेश किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा इस बार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप को लेकर भी रेल बजट में बड़ी घोषणाएँ की जा सकती हैं। कई दिनों से विभिन्न रेलवे स्टेशनों के निजीकरण की चर्चा चल रही है। आज इस सम्बन्ध में चीजें साफ़ हो जाएँगी। भारत के पहले प्राइवेट ट्रेन ‘तेजस’ की सफलता के बाद सरकार उत्साहित है। हाल ही में रेलवे ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की थी, इसीलिए इसकी सम्भावना कम ही है कि इसे बढ़ाया जाएगा। नए रूट व नई ट्रेनों को लेकर भी घोषणाएँ की जाएँगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाक़ात करेंगी। अगर शेयर बाजार की बात करें तो सेंसेक्स फ़िलहाल 140 पॉइंट्स नीचे 40,576 पर है, वहीं निफ्टी 126.5 पॉइंट्स नीचे जाते हुए 11,910 पर है। कुछ ही दिनों में दिल्ली में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों की भी नज़र बजट पर है। आशा की जा रही है कि इस बजट में मिडिल क्लास के लिए बहुत कुछ होगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -