लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु को चुना गया है। केंद्रीय शहरी मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत लोगों को स्थानीय जलवायु और इकोलॉजी का ध्यान रखते हुए टिकाऊ आवास प्रदान किए जाते हैं।
‘धर्म स्वातन्त्रय विधेयक’ को विधानसभा में पेश करने से पहले प्रदेश सरकार ने इसमें सख्त प्रावधान शामिल किए हैं। जोड़े जा रहे नए प्रावधानों के अनुसार चर्च, मदरसे और स्कूल भी कार्रवाई के दायरे में आएँगे।
“हमने पहले भी इस तरह के अभियान चलाए हैं। अब हमने जिला प्रशासन और नगरपालिका के साथ मिलकर ऐसे लोगों के अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया है, जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं।”