ज़कारिया खान ने भाई तारू सिंह से कहा, “तारू सिंह… तुमने जो किया वह माफी के लायक बिलकुल नहीं है, लेकिन मैं तुम्हें एक शर्त पर छोड़ सकता हूँ। तुम इस्लाम कबूल कर लो, हमारे मित्र बन जाओ........"
तीर्थ यात्री ननकाना साहब से गुरुद्वारा सच्चा सौदा की तरफ लौट रहे थे। फिलहाल शवों को स्थानीय अस्पतालों में भेजा जा रहा है, घटना के दौरान बस में लगभग 25 लोग सवार थे।
इस हमले के दौरान रंगभेदी समूह के लोगों ने बलजीत की दुकान के अंदर तरह-तरह के स्लोगन भी लिखे। जैसे- 'white power', 'Trump 2020', 'F**K ISIS', and 'go home' आदि।