रामगोपाल वर्मा संवेदनहीनता का परिचय देते हुए दाँत चियार कर मुस्कुराते रहे। सपा के मीडिया सेल को हिन्दुओं के विरोध प्रदर्शन से दिक्कत है, इस हत्याकांड से नहीं।
दोनों बच्चों की निर्मम हत्या के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद साजिद ने मुँह लगाकर खून पिया। पुलिस ने कहा कि वो इसकी जाँच कर रहे हैं।
54 वर्षीय ऑडिटर रमेश की जुलाई 2013 में घर में घुस कर हत्या कर दी गई थी। ये वो दौर था जब बम धमाके होते थे, हिन्दू कार्यकर्ता मार डाले जाते थे। अब तक न्याय के लिए लड़ रहीं माँ।