विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मानहानि मामले में केजरीवाल और सिसोदिया पर मानहानि का केस फाइल किया था। जिस पर कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया है। इसके साथ ही मुआवजे के तौर पर ₹1 करोड़ का दावा भी किया गया है।
मासूम बच्ची की माँ का कहना है कि वो (आरोपित) बच्ची को टॉफी का लालच देकर बहला-फुसला कर मंदिर ले गया था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बच्ची को अपने साथ ले जाने के दौरान मोहम्मद नन्हे ने उसके साथ खेलने वाले सभी बच्चों को वहाँ से भगा दिया था।
राजौरी गार्डन से विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कई जगह पोस्टर लगाए हैं, जिसमें केजरीवाल का कार्टून बना हुआ है और साथ में लिखा हैं, "खुद को सबसे बड़ा ईमानदार बताने वाला निकला सबसे बड़ा लुटेरा, स्कूलों में जो कमरा 5 लाख (रुपए) में बनता है वो बनाया 25 लाख में।"
"यह रोमांचक है कि बीजेपी और इससे संबंधित संस्थाएँ अब शिक्षा व्यवस्था के बारे में सोचना शुरू कर रही हैं। हालाँकि मुझे आश्चर्य हो रहा है कि जिसे थिंंक टैंक कहा जाता है, उसे यह मालूम नहीं है कि दिल्ली सरकार में भर्तियों की जिम्मेदारी BJP के एलजी की है।"
मनोज तिवारी ने मनीष सिसोदिया पर घोटाला करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने कहा कि जिस लोकपाल की बात केजरीवाल करते थे, वो उसी लोकपाल को इस घोटाले की जानकारी देने जा रहे हैं।
दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया ने कहा कि इस संबंध में आधिकारिक रुप से किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें ये वीडियो पब्लिक डोमेन से मिला। वीडियो देखने के बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की गई और 4 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया।
झारखंड मामले में तबरेज़ की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद के ऐलान के बाद तो आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य कपिल मिश्रा ने भी अंकित और ध्रुव त्यागी के परिवार आवाज़ बुलंद की और मीडिया की सुर्खियों में भी अंकित और ध्रुव त्यागी को लेकर सवाल पूछे जाने लगे।
केंद्र सरकार को 'फ्री मेट्रो राइड' के संबंध में दिल्ली सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। फिर भी लगभग सभी मीडिया संस्थानों ने "केंद्र सरकार ने ख़ारिज/अस्वीकार या रिजेक्ट की केजरीवाल सरकार की महिलाओं के लिए 'फ्री मेट्रो राइड' योजना" जैसी भ्रामक और फेक रिपोर्ट प्रकाशित की।
अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने हाल ही में वादा न पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार के प्रति अपनी गहरी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने बताया था कि किस तरह दिल्ली सरकार ने उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा न देकर नाउम्मीद किया।
दिल्ली में महिलाओं को दी जाने वाली ’फ्री मेट्रो राइड’ के रूप में केजरीवाल सरकार की लोकलुभावन चुनावी योजना को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार ने 27 जून को लोकसभा में इसे खारिज कर दिया।