“इससे पहले अन्य लोग सरकार में थे, उन्होंने अयोध्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। यहाँ किसी तरह का विकास कार्य नहीं हुआ करता था। अब पूरे अयोध्या और यहाँ तक कि भारत को भी उम्मीद है कि यह एक सुंदर शहर बनकर उभरेगा।”
राम मंदिर का निर्माण कुछ इस तरह होगा कि इस पर किसी प्रकार के कोई प्राकृतिक आपदाओं का असर नहीं होगा। हजारों सालों तक इस पर भूकंप जैसे प्राकृतिक आपदाओं का भी कोई असर नहीं होगा।
यह तो पहली झाँकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ये नारा तो बहुत बाद में बुलंद हुआ। उससे बरसों पहले तीन दोस्तों ने अयोध्या के साथ-साथ इन दो हिंदू पवित्र स्थलों को वापस पाने का एक विस्तृत खाका तैयार कर लिया था।