जहॉं भारतीयों के जाने पर प्रतिबंध है, वहॉं से एक दम्पति पवित्र मिट्टी लेकर आया। इस दम्पति की तुलना लोग हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने से कर रहे हैं।
टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर भगवान राम और मंदिर के मॉडल के अलावा भारत का झंडा भी डिस्प्ले हो रहा था। भगवान राम का डिजिटल प्रदर्शन टाइम्स स्क्वायर में हिंदू देवता के सबसे महँगे डिजिटल होर्डिंग में से एक है।
"राम मंदिर का निर्माण नेहरूवादियों, मार्क्सवादियों, माओवादियों, चीन समर्थकों, मीडिया और शिक्षाविदों के लिए हार है, जिसने इतिहास, पुरातत्व और भक्ति को नकारने की कोशिश की थी।"
"मेरा जो काम है वो काम मैं करूँगा। मैं अपने कार्य को हमेशा कर्तव्य और धर्म मानकर चलता हूँ। मैं जानता हूँ कि मुझे कोई बुलाएगा नहीं इसलिए मैं जाऊँगा भी नहीं।"