विषय

Ayodhya

‘अयोध्या में भूमि पूजन के दिन बंगाल में पूर्ण लॉकडाउन तृणमूल कॉन्ग्रेस की हिंदू विरोधी मानसिकता दर्शाती है’

‘‘यह सच है कि कोविड-19 के कारण कोई बड़ा उत्सव नहीं होगा, लेकिन बुधवार को पूर्ण लॉकडाउन लागू करने का निर्णय तृणमूल सरकार की सांप्रदायिक मानसिकता को दर्शाता है।”

कारसेवकों का नरसंहार कब, कितने मरे, किसने मरवाया? देश के मीडिया संस्थानों के लेख से सब कुछ गायब

आधी जानकारी ही दबा दी गई है। इसका एक मतलब यह भी है कि मुख्यधारा मीडिया के लिए हिंदुओं की जान का कोई मूल्य ही नहीं है।

27 साल से कर रही थीं अपने राम को छत मिलने का इन्तजार, भूमिपूजन के बाद अब अन्न ग्रहण करेंगी 81 वर्षीय उर्मिला

81 साल की उर्मिला चतुर्वेदी ने 27 साल पहले शपथ ली थी कि वो तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगी, जब तक अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत नहीं हो जाती।

अयोध्या का वह जिला मजिस्ट्रेट, जिसने PM नेहरू के आदेश को दिखाया ठेंगा, इंदिरा ने जिन्हें डाला जेल में

केके नायर, अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट। तब देश के PM थे नेहरू। आदेश आया कि राम मंदिर से हिंदुओं को खदेड़ दो। नौकरी को लात मार नायर अड़ गए और...

भूमि पूजन से पहले अखंड श्रीरामचरित मानस पाठ: अमेरिका, इंग्लैंड सहित ऑनलाइन जुड़ेंगे कई देशों के रामभक्त

अखंड श्रीरामचरित मानस पाठ में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, मॉरीशस, हालैंड, हंगरी, इंग्लैंड आदि देशों के लोग भी पाठ करेंगे। हर कोई एक घंटे तक...

1990 में पैर से नाप कर जिन्होंने बनाया था राम मंदिर का डिजाइन, संशोधन के साथ आखिर वही हुआ फाइनल

अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर आकार में अपने मूल डिजाइन से तकरीबन दोगुना बड़ा होगा। अब इसमें गर्भगृह के ठीक ऊपर शिखर होगा और...

आपने गोली चलवा कर हज़ारों कारसेवकों को क्यों नहीं मरवाया?: NDTV चाहता था बिछ जाए रामभक्तों की लाश

NDTV इस इंटरव्यू में बार-बार इसी बात पर कल्याण सिंह को घेरने की कोशिश करता है कि आखिर उन्होंने कारसेवकों पर गोली क्यों नहीं चलवाई?

भक्त बनकर आए आतंकी, रामलला से मात्र 50 मीटर की दूरी पर मचाई तबाही: 5 अगस्त से पहले 5 जुलाई की दास्ताँ

5 अगस्त को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का पूजन होगा। खुफिया इनपुट है कि इस्लामिक आतंकी हमले की साजिश रच रहे हैं। केंद्र में मनमोहन और यूपी में मुलायम के रहते 2005 में आतंकी अपने मॅंसूबों में कामयाब भी हो गए थे।

जलाकर मार डाले गए 27 महिला, 22 पुरुष, 10 बच्चे भी रामभक्त ही थे, अयोध्या से ही लौट रहे थे

27 फरवरी 2002 की सुबह अयोध्या से लौट रहे 59 रामभक्तों को साबरमती एक्सप्रेस में करीब 2000 लोगों की भीड़ ने जलाकर मार डाला था।

‘हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है’: राम मंदिर आंदोलन की एक साध्वी जिसे तोड़ नहीं पाई दिग्विजय की पुलिस

ये साध्वी ऋतम्भरा ही थीं, जिन्होंने कहा, "हॉं हम हिंदू हैं, हिंदुस्तान हमारा है।" जिनमें खुलकर यह कहने का साहस था, "महाकाल बनकर दुश्मन से टकराएँगे, जहॉं बनी है मस्जिद, मंदिर वहीं बनाएँगे।"

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें