सावरकर को लेकर राहुल गॉंधी की टिप्पणी पर भाजपा और शिवसेना का आक्रामक रवैया बरकरार है। इसका असर आज से शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र पर भी दिखा। इस बीच, केंद्रीय मंत्री अठावले ने राज्य में सियासी भूकंप के संकेत दिए हैं।
"जो ये सवाल उठा रहे हैं कि एनआरसी क्यों जरूरी है, उन्हें बंगाल की हालत पर नजर डालनी चाहिए। यहाँ हिंसा और आगजनी की घटनाओं में वही घुसपैठिए संलग्न हैं, जिन्हें ममता बनर्जी ने वोट बैंक की खातिर राज्य में बसा रखा है। इन्हें खदेड़ने के लिए ही ऐसा कानून जरूरी है।"
कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी के सावरकर को लेकर दिए गए बयान ने भी प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। इस मसले पर भाजपा और शिवसेना के सुर एक जैसे हैं। इससे दोनों के जल्द साथ आने की अटकलों को बल मिला है।
“ममता राज में सरकारी अधिकारी इस हाल में हैं। बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) के विकासखंड अधिकारी सरकारी काम से सिलीगुड़ी गए थे, तब उनके ऑफिस को 10,000 मुस्लिमों की भीड़ ने घेर लिया और आग लगा दी। उनकी पत्नी ने किसी तरह जान बचाई। जब अधिकारियों के ये हाल हैं,तो जनता की बेबसी समझी जा सकती है।”
नागरिकता संशोधन विधेयक पर कॉन्ग्रेस के दबाव और कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से दुविधा में शिवसेना। उप मुख्यमंत्री और महकमों को लेकर जारी खींचतान से पिंड छुड़ाने के लिए क्या फिर भाजपा के पास लौटेंगे उद्धव ठाकरे?
इस बिल पर शिवसेना का रुख जानना इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने के बाद से ही सबकी नजर उनके फैसले पर टिकी थी। एक साल पहले जब ये विधेयक लोकसभा में पेश हुआ था, तब शिवसेना ने पूरी तरह से...
उपचुनावों में बीजेपी को 49.7% वोट हासिल हुए हैं। कॉन्ग्रेस को 31% वोट मिले। कुमारस्वामी की JD (S) को भी तगड़ा झटका लगा है। उसे सबसे कम यानी 13.3% ही वोट मिले हैं।
कुमारस्वामी की JD (S) को तगड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी अभी तक अपना खाता भी नहीं खोल पाई। आँकड़ों के अनुसार, JD (S) को सबसे कम यानी 13.3% ही वोट मिले हैं।
कर्नाटक में येदियुरप्पा की अगुआई में बीजेपी की सरकार बनवाने में रमेश जरकीहोली की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने ही 16 अन्य विधायकों के साथ बगावत की थी जिसके कारण कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरी थी।
कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कॉन्ग्रेस के विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को सौंप दिया है।