प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री और अजित पवार को उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को लेकर भरोसा जताया है।
अब्दुल सत्तार ने कहा कि ये चेतावनी भी है और धमकी भी, क्योंकि शिवसेना के विधायकों को अगर कोई फोड़ना चाहता हो तो उसको चेतावनी देना शिवसेना का स्टाइल है। और शिवसेना सिर्फ चेतावनी नहीं देती है, वक्त आने पर शिवसेना ये सारी चीजे करने में कहीं पर कम नहीं पड़ती है।
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने साफ़ कर दिया है कि यह निर्णय किसी राजनेता का नहीं बल्कि गृह मंत्रालय का है और नियमानुसार ही हुआ है। नड्डा ने कहा कि किसी भी नेता के 'थ्रेट परसेप्शन' को देखते हुए मंत्रालय तय प्रोटोकॉल के तहत निर्णय लेता है।
कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार की कथित नाकामियों को उजगार करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन की योजना बनाई थी। इसकी समाप्ति रामलीला मैदान की भारत बचाओ रैली से होनी थी।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज के नामकरण को लेकर विवाद। माधवराव सिंधिया की बजाय महात्मा गॉंधी नाम रखने का बीजेपी विधायक ने दिया था सुझाव। सुनकर भड़के कमलनाथ के मंत्री।
मैंने अमित भाई (भाजपा अध्यक्ष अमित शाह) से कहा कि अगर वह मध्यस्थता करते हैं तो एक रास्ता निकाला जा सकता है, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि चिंता मत करो, सब ठीक हो जाएगा। भाजपा और शिवसेना मिलकर सरकार बनाएँगे।"
लोकसभा चुनाव से पहले AAP और कॉन्ग्रेस चुनाव पूर्व गठबंधन बनाने के लिए बातचीत कर रहे थे। केजरीवाल तो गिरगिराने तक की सीमा पार कर कॉन्ग्रेस से जुड़ने को तैयार थे लेकिन...
बीजेपी नेता मिश्र प्रखर राष्ट्रवादी और कट्टर हिंदूवादी छवि वाले नेता माने जाते हैं। हाल ही में इन्होंने एक कार्यकर्ता की हत्या को लेकर भीड़ को संबोधित करते हुए समुदाय विशेष अल्पसंख्यकों पर हमला किया था। जिसके बाद से ही इनके पास धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए थे।
एक तरफ जहाँ बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि (17 नवंबर) को सरकार बनाने की बात सामने आ रही है वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार का कहना है कि सरकार बनने में अभी वक्त लगेगा।
48 वर्षीय छबर के शेख पाँच दिन पहले कूच बिहार में काम करने गए थे, लेकिन उसके बाद से घर वापस नहीं लौटे। घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफ़ी ढूँढ़ने के बाद जब उनका कुछ नहीं पता चला, तो उनके परिजनों ने तूफ़ानगंज थाने में लिखित शिक़ायत दर्ज करवाई।