आप सोच कर भी नहीं सोच पाएँगे कि अमित शाह के बाद भाजपा का अध्यक्ष कौन बनेगा, मोदी के बाद भाजपा का पीएम कौन होगा या फिर यही देख लीजिये कि अटल जी और आडवानी जी की विरासत को कौन आगे बढ़ा रहा है?
अरुणा के साथ-साथ उनके पिता, पति, भाई, ससुर और देवर- ये सभी विधायक रह चुके हैं। अरुणा राजशेखर रेड्डी और रोसैया की कैबिनेट में मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में लौटेगी और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे।
नए चेहरों को लाकर पार्टी एक तरह का संदेश देना चाहती है - जनता को भी और सांसदों को भी। सांसदों को लेकर एक तरफ जहाँ जनता की राय ली गई है, वहीं सांसदों से भी उनके द्वारा कराए गए कार्यों का ब्योरा माँगा गया है।
भाजपा और कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र में डेढ़ दशक का फ़र्क़ है। अगर वंशवाद को हटा दें तो कॉन्ग्रेस में शायद ही कोई बड़ा युवा नेता हो। जबकि विपक्षियों द्वारा रूढ़िवादी कही जाने वाली भाजपा के किसी भी मुख्यमंत्री की उम्र 65 से ज्यादा नहीं है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी को सबसे बड़ा फायदा होने वाला है। यहाँ भाजपा को 32 प्रतिशत वोट शेयर और 11 सीटें प्राप्त हो सकती है। जबकि कॉन्ग्रेस और लेफ्ट का खाता खुलना न के बराबर नज़र आ रहा है।
MGP के सुदिन धवलिकर और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विजय सरदेसाई डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। प्रमोद सावंत के साथ दोनों डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल ने भी शपथ ग्रहण किया।
‘‘हम सदन में बहुमत वाली पार्टी हैं हम माँग करते हैं कि हमें पर्रिकर के निधन के बाद भाजपा सरकार के ना रहने की स्थिति में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए।’’ - गोवा कॉन्ग्रेस
एयर स्ट्राइक से पहले यहाँ पर कयास लगाए जा रहे थे कि कॉन्ग्रेस को 100 सीटें मिलेंगी, लेकिन अब ये अनुमान लगाया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस 72 से 74 सीटों तक ही सिमट जाएगी।
हिन्दी में कहें तो हताश कॉन्ग्रेस के लिए हाथ-पाँव मारकर, नदी में विसर्जन का नारियल निकालने के चक्कर में मरे हुए आदमी की काई जमी खोपड़ी का भी मिल जाना एक उपलब्धि ही है।