ऐसे समय में जब पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश में पाकिस्तान विरोधी भावनाएँ सबसे ज़्यादा हैं, सोशल मीडिया पर अपने प्रचार-प्रसार के लिए पाकिस्तानी नागरिकों का इस्तेमाल करने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी इस आरोप से कैसे बचाव करेगी, ये देखने की बात है।
कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो बनाया गया जो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के पीछे वजह है कि इसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत पर नोटों की बरसात हो रही थी।
देश भर के चुनावों के लिए हमारे पास नरेंद्र मोदी जी का नाम और काम है तो बिहार में नीतीश कुमार जी का विकास और भ्रष्टाचार मुक्त बिहार का नारा और उनका नेतृत्व है। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ-साथ हम बिहार में नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में भी हैं।
अपने ही बयानों से विरोधाभास की स्थिति खड़ा करने वाले शत्रुघ्न लगातार भाजपा में तानाशाही का आरोप मढ़ते रहते हैं साथ ही यह भी कहते हैं कि जो कुछ भी हो जाए पटना साहिब से ही चुनाव लड़ेंगे।
जहाँ की जनता ने पिछली बार उन्हें BJP सांसद के रूप में लोकसभा भेजा था, वहीं की जनता के सामने उन्होंने कॉन्ग्रेसी गुलामी कुबूल करते हुए स्वीकारा कि उनके पिताजी और खुद उनके लिए भी कॉन्ग्रेस के लोगों ने बूथ कब्जा किया था।
ऑल्ट न्यूज़ के कट्टर भक्त @zoo_bear ने अपने भक्तों से उसी ‘क्रॉप्ड वीडियो’ को री-ट्वीट करने का आग्रह किया, ताकि सांप्रदायिक द्वेष को भड़काया जा सके और इस फ़र्ज़ी ख़बर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जा सके।
अतीत में शिवसेना की बात को गंभीरता से न लेने का दावा करने वाले कुछ तथाकथित पत्रकारों व विश्लेषकों ने सामना में छपने वाले लेखों का शब्दशः भावार्थ कर इसे भगवद् गीता की तरह बाँचना शुरू कर दिया था।
"राज्य की मुस्लिम बहुल चरित्र को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार राज्यपाल को माध्यम बनाकर जो भी निर्णय ले रही है, वो राज्य के लोगों और उनके हितों के ख़िलाफ़ है।"