स्वस्तिक के अपमान किए जाने संबंधी ट्वीट की बीजेपी ने कड़ी आलोचना की थी। बीजेपी का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अपने इस अभद्र कृत्य से धार्मिक आस्था को तो चोट पहुँचाया ही है साथ ही आचार संहिता कता उल्लंघन भी किया है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं को चुनावी मैदान से दूर रखने की मंशा नए उम्मीदवारों को जगह देने और उनकी नई सकारात्मक राजनीतिक सोच को सामने लाने के मक़सद से की गई जान पड़ती है। ये बात और है कि विपक्ष द्वारा ऐसा दुष्प्रचार किया जाता है कि बीजेपी वरिष्ठ नेताओं को नज़रअंदाज़ कर रही है।
BJP ने पहली लिस्ट के 184 उम्मीदवारों में से 5 मुस्लिम उम्मीदवारों को जगह दी है। ये उम्मीदवार जम्मू कश्मीर और लक्षद्वीप जैसी जगहों से हैं जहाँ मुस्लिम मतदाता ज्यादा प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
रणबीर गंगवा को लेकर मीडिया में खबरें हैं कि भाजपा उनको हिसार लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। गंगवा आईएनएलडी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
लोजपा भी नवादा पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नही है और गिरिराज सिंह भी पीछे नहीं हट रहे। हालाँकि, गिरिराज सिंह ने कहा है, "चुनाव लड़ूँ या नही, पार्टी की सेवा की है और आगे भी करता रहूँगा।"