दिल्ली बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं पर धार्मिक आधारों पर मतदाताओं के धुव्रीकरण का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मस्जिदों में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की अपील की।
खबर ये भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी, केपीसीसी प्रमुख एवं वर्तमान सांसद मुल्लापल्ली रामचंद्रन और वरिष्ठ नेता वीएम सुधीरन सहित कई वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेताओं ने लोकसभा चुनाव लड़ने में अनिच्छा जाहिर की है जिससे कॉन्ग्रेसी नेतृत्व की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कम से कम 15 प्रमुख नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। खास ख़बर ये है कि इन 15 में से 11 ऐसे नेता हैं, जिन्होंने बसपा के टिकट पर विधानसभा और आम चुनाव भी लड़ा है।
कॉन्ग्रेस से अरविंद ने करनाल लोकसभा से 2004 और 2009 में चुनाव लड़ा और यहाँ से उन्होंने दोनों बार जीत हासिल की, तीसरी बार 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के अश्विनी चोपड़ा से हार का मुंह देखना पड़ा। फिर उन्होंने कॉन्ग्रेस छोड़ दी।
ऐसे में सिर्फ एक व्यक्ति बचता है जो अभी प्रधानमंत्री है, और आगे भी हर हाल में प्रधानमंत्री बनना चाहता है। जिसके पास न अब सत्ता और षड्यंत्रों के अनुभवों की कमी है, न संसाधनों की, न समर्थकों की, न ऊर्जा की, न मुद्दों की और न ही दिलेरी की।
अपूर्बा चक्रबर्ती कल रात इस्लामपुर के गुलशन इलाके में अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ एक शादी समारोह में गए थे। इसके बाद जब वो लगभग 10 बजे शादी से वापस घर जा रहे थे, तो संदिग्ध TMC गुंडों ने सड़क पर उनके साथ मारपीट की।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रह चुके टॉम वडक्कन सोनिया गांधी के क़रीबी भी माने जाते थे। लेकिन, बीजेपी में शामिल होने के साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला है।
जिन्हे विपक्षी तानाशाह कहते हैं, उन्होंने छोटे से छोटे दलों को भी गले लगाया, गठबंधन बचाया, नया गठबंधन बनाया। जो मंचों से एकता का नारा देते फिरते हैं, वे ही एक-दूसरे के साथ गठबंधन नहीं कर पाए। राजग आज भी समावेशी है।
चुनाव के इस मौसम में भाजपा भी बाहर से आ रहे नेताओं के स्वागत में खड़ी है। जदयू, लोजपा, शिवसेना और अकाली दल जैसे पुराने गठबंधन साथियों का साथ बनाए रख कर भाजपा और उत्साह में नज़र आ रही है।