प्रवेश वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि यह रकम उनकी संस्था 'राष्ट्रीय स्वाभिमान संस्था' के जरिए जरूरतमंद महिलाओं की मदद के लिए दी जा रही है।
आतंकी के महिमामंडन का बीजेपी ने विरोध किया, लेकिन आतंकवादियों को जेल में मालिश की सुविधा देने वाली डीएमके सरकार ने इसे नजरअंदाज किया और विरोध प्रदर्शन करने वालों को ही हिरासत में ले लिया।