"आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।"
एच डी देवगौड़ा ने कर्नाटक में मध्यावधि चुनाव की भविष्यवाणी करते हुए अकेले चुनाव लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘अब यह गलती नहीं करूँगा। अब अकेले ही चुनाव लड़ा जाए।’’
यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि कॉन्ग्रेस डॉक्टर बाबासाहब भीमराव आंबेडकर और उनकी मानवतावादी परंपरा की सदा से विरोधी रही है। उन्होंने बताया कि कॉन्ग्रेस के कारण ही खुद उनको भी केंद्रीय क़ानून मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
गृह मंत्री रहते चिदंबरम ने हिंदी के पूरे देश की भाषा बनने की उम्मीद जताई थी। सरकारी दफ्तरों में संवाद के लिए हिंदी के इस्तेमाल पर जोर दिया था। लेकिन, अब जिस तरह उनकी पार्टी और गठबंधन के साथी अमित शाह के बयान पर जहर उगल रहे हैं उससे जाहिर है यह अंध विरोध के अलावा कुछ भी नहीं।
एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।
सिंधिया की रैली की बात बात करें तो सारा हंगामा तब शुरू हुआ जब एक के बाद एक कार्यकर्ताओं ने मंच पर चढ़ना शुरू कर दिया। उस समय सिंधिया मंच पर ही मौजूद थे। होड़ लगा कर सिंधिया से मिलने मंच पर पहुँच रहे कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियाँ उछालनी शुरू कर दी।
“मेरे पीछे कई दिनों से गुंडा तत्व लगे हुए हैं। कई बार मुझे धमकाते हैं, तो कई बार मेरी गाड़ी के आगे-पीछे गाड़ी लगाकर धमकाते हैं। कई बार तो मेरी गाड़ी के आगे-पीछे गाड़ी लगाकर डराने का प्रयास करते हैं। इन गुंडा तत्वों को टीकाराम जूली का संरक्षण प्राप्त है।”
पिछले दिनों बृहस्पति सिंह ने अधिकारियों को जूता मारने का विवादित बयान भी दिया था। इससे पहले प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी ने कहा था कि बड़ा नेता बनना है तो एसपी और कलेक्टर का कॉलर पकड़ो।
ED ने अदालत को बताया कि 317 बैंक खातों के जरिए धन शोधन किया गया है। ईडी ने कहा कि शिवकुमार के खिलाफ जाँच के अनुसार, शोधित धन 200 करोड़ रुपए से अधिक है और करीब 800 करोड़ रुपए मूल्य की बेनामी संपत्ति है।