"मुझे गर्व है कि मैं जब संसद पहुँचा तो वहाँ पर अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बड़े नेता थे, सोमनाथ चटर्जी स्पीकर थे। मुझे गर्व है कि जब मैं संसद पहुँचा तो मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। यह सभी बड़े नेता थे, वे पार्टी से अलग जा सकते थे।"
"महागठबंधन को बाँधने वाली गाँठे कितनी मजबूत हैं, इसका अंदाजा इसी से लग रहा है कि उपचुनाव की पाँच सीट आपस में बाँटने में ही टूट गई। ये 2020 में 243 सीटों पर कैसे फैसला कर पाएँगे?"
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने कहा कि वो जल्द ही एक नया राजनीतिक दल बनाएँगे। इन नेताओं ने कहा कि उन्होंने राज्य में NRC लागू करने का माँग की थी और भ्रष्ट नेताओं के साथ किसी भी तरह का समझौता करने से इनकार कर दिया था। लेकिन कॉन्ग्रेस ने...
"मैं आपके बीच किसी राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य होने के नाते आया हूँ। मैं आपको पूर्ण विश्वास दिलाता हूँ, आपके हक और न्याय की लड़ाई ज्योतिरादित्य सिंधिया लड़ेगा। फसल हानि के साथ जनहानि हो, पशुधन हानि हो, या मकान की हानि हो। हर एक व्यक्ति को पूर्ण रूप से मुआवजा दिलाना ही मेरा लक्ष्य रहेगा।”
आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाक लगातार कॉन्ग्रेस को हथियार बनाकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र को लिखे पत्र में राहुल गॉंधी के बयान का जिक्र किया था। बाद में राहुल ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा था कि कश्मीर में हिंसा के पीछे पाकिस्तान का हाथ है।
"मेरे पिताजी ने हमेशा देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखा था। मैं अपने पिता की ही संतान हूँ, राजनीतिक ध्रुवीकरण के बढ़ते जाने पर भी अपने मूल सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करूँगा।"
"मैं सिद्दरमैया का पालतू बनाया हुआ कोई तोता नहीं हूँ। उनके जैसे कई हैं, जो एचडी देवेगौड़ा के शासन में फल-फूले। मैं मुख्यमंत्री कॉन्ग्रेस आलाकमान के आशीर्वाद के चलते बना।"
प्रद्योत ने प्रदेश के वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता लुइज़िन्हो फलैरो पर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया था। प्रद्योत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर असम की तरह NRC की माँग की थी।
अपनी इफ्तार पार्टी के लिए सुर्खियाँ बटोरने वाले बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी को 2018 में मुंबई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार ने हरा दिया था। हर साल होने वाली उनकी इफ्तार पार्टी में बॉलीवुड की ख़ान त्रिमूर्ति से लेकर कई अभिनेता-अभिनेत्री शामिल होते हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कॉन्ग्रेस की कर्जमाफी योजना फ्लॉप हो गई है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं और विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इन सबके बावजूद मीडिया इन ख़बरों को तवज्जो नहीं दे रहा। जबकि, यूपी में छोटी-मोटी गड़बड़ियों को भी हाइलाइट किया गया।