105 वोट विशवास मत के विरुद्ध पड़ने के बाद जहाँ भाजपा ने इसे जनादेश की जीत बताया है, वहीं महबूबा मुफ़्ती ने इसे देश के लोकतंत्र में एक काला दिन करार दिया है।
राजस्थान के शहरी विकास और आवास मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधानसभा में कहा कि गाय एक "अत्यधिक उपयोगी जानवर" है, लेकिन इसकी पूजा करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सुपरवुमन की पूजा की जानी चाहिए न कि गायों की।
सांसद राम्या हरिदास खेती करने वाले मज़दूरों के घर से आती हैं, इसलिए गाड़ी खरीदने के लिए वह अपने संसदीय क्षेत्र में आने वाले 1400 बूथों से इसके लिए पैसा इकट्ठा करना चाहती थीं। उनका मानना है कि उन्हें मिल रहे वेतन से उनके लिए गाड़ी खरीदना संभव नहीं हो पाएगा।
कॉन्ग्रेस के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय यूजर्स उनका जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। पुराने समय की तस्वीरे पोस्ट की जा रही है और याद दिलाया जा रहा है कि गाँधी परिवार के राज में मिसाइल का सामान किस तरह साइकिल पर जाता था जबकि नेहरू परिवार एरोप्लेन में सफर करता था।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अजय कुमार जुलाई 2011 में जेवीएम के टिकट पर मध्यावधि चुनाव में 15 वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए थे। अगस्त 2014 में वे कॉन्ग्रेस में शामिल हुए और नवंबर 2017 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र के बाणगंगा में भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में एक युवक की जमकर पिटाई की। पुलिस के पहुॅंचने पर भी भीड़ का गुस्सा कम नहीं हुआ। हॉलांकि किसी तरह पुलिस युवक को भीड़ से बचाने में कामयाब रही।
81 वर्षीय शीला दीक्षित लंबे समय से बीमार चल रही थी। कॉन्ग्रेस की दिग्गज नेता दीक्षित दिल्ली में सबसे लम्बे समय तक काम करने वाली मुख्यमंत्री रही थीं। उन्होंने 1998 से 2013 तक दिल्ली में मुख्यमंत्री पद सम्भाला था।
इस वीडियो में वो पुलिस व डॉक्टर्स के साथ अपशब्द बोलती साफ़ नज़र आ रही हैं। अस्पताल की शांति को तार-तार करते हुए उन्होंने कई पुलिसकर्मियों के साथ ऊँची आवाज़ में बात तो की ही साथ वहाँ मौजूद महिला पुलिसकर्मियों को भी खरी-खोटी सुनाई।
तिरंगे को उल्टा रखने के साथ ही ट्विटर यूज़र्स ने सजा भोग रहे संजीव भट्ट की पत्नी और बच्चे से मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि संजीव भट्ट के लिए 'Detention' शब्द इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वे एक अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए सजा मिली है।
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मध्य प्रदेश के ज्योतिरादित्य सिंधिया को अध्यक्ष बनाने की चर्चा शुरू होने के बाद शुरू हुआ प्रियंका का अभियान। इसके पीछे सोच यह है कि पार्टी अध्यक्ष के तौर पर गॉंधी ही गॉंधी की जगह ले।