विषय

Congress

प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न: कार्यक्रम से नदारद रहे राहुल-सोनिया, बधाई के लिए एक ट्वीट तक नहीं

राहुल गाँधी ने प्रणब मुखर्जी को बधाई देने के लिए यहाँ तक कि एक ट्वीट भी नहीं किया है। हाल ही में एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार को मैगसेसे अवॉर्ड मिला था, तब राहुल ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी थी।

कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा: थूक कर चाटने वाली कॉन्ग्रेसी परम्परा के नए वाहक बने अधीर रंजन

संसद में उन्होंने कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताया था, लेकिन अब मीडिया के सामने वह इसे भारत का आंतरिक मुद्दा बता रहे हैं (जो कि सही है और भारत का स्टैंड भी है)। आख़िर अधीर रंजन को ये समझने में इतने दिन क्यों लग गए?

माहौल अशांत करने की आशंका में श्रीनगर पहुँचते ही उलटे पाँव लौटाए गए ग़ुलाम नबी आज़ाद

जम्मू कश्मीर के 100 से अधिक नेता व अलगाववादी पहले से ही नजरबन्द किए जा चुके हैं ताकि जनता को भड़काने की कोई भी कोशिश सफल न हो सके। आशंका जताई गई है कि गुलाम नबी आजाद के पहुँचने के बाद विपक्षी नेता जनता को उकसा सकते हैं।

कश्मीर पर भूलों का करना था पिंडदान, कॉन्ग्रेस ने खुद का कर लिया

आम धारणा यही है कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत में घुलमिल नहीं पाया तो इसकी वजह नेहरू की नीतियॉं थी। मोदी सरकार ने कॉन्ग्रेस को इससे पीछा छुड़ाने का मौका दिया। पर अफसोस, कॉन्ग्रेस न विपक्ष का धर्म निबाह पाई न राष्ट्रधर्म। उलटे खुद के वजूद के लिए नया संकट खड़ा कर लिया।

क्या कश्मीर के विशेष दर्जे के खात्मे के साथ कॉन्ग्रेस के अंत की भी शुरुआत हो चुकी है?

दिग्विजय अकेले नहीं हैं कॉन्ग्रेस में। पार्टी के तौर पर जहाँ कॉन्ग्रेस ने दोनों सदनों में बिल के खिलाफ मतदान किया, वहीं लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कश्मीर मसले पर बिल लाने की सरकार की हैसियत को ही चुनौती दे डाली थी।

Article 370: कॉन्ग्रेस में आंतरिक टकराव, अब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी किया समर्थन

आर्टिकल 370 हटाने के मोदी सरकार के इस कदम का कई कॉन्ग्रेस के नेताओं ने भी पार्टी लाइन से हटकर समर्थन किया है। मिलिंद देवड़ा और जनार्दन द्विवेदी के बाद अब इस कड़ी में राहुल गाँधी के करीबी और कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी जुड़ गया है।

वो दिग्विजय सिंह है, वो कुछ भी कह सकता है

कॉन्ग्रेस को भय है कि समर्थन करने में मुस्लिम वोट बैंक से हाथ धोना पड़ सकता है और विरोध करने में हाल ही में अपनाया गया ताजातरीन हिंदुत्व खतरे में पड़ सकता है इसलिए बेहतर है कि इस सब चर्चा से ऊपर उठकर नेहरू जी के नाम का कलमा पढ़ा जाए।

’14 महीने तक कॉन्ग्रेस के लिए गुलामों की तरह काम किया, लेकिन कभी सराहना नहीं मिली’

पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बताया कि उनकी सरकार ने जेडीएस की तुलना में कॉन्ग्रेस विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अधिक धन आवंटित किया था, लेकिन फिर भी सरकार गिरने का दोष उन्हें ही दिया जा रहा है

‘पूरे बिल में कहीं भी POK का ज़िक्र नहीं, क्या हिंदुस्तान ने गुलाम कश्मीर को पाने की आशा छोड़ दी?’

लोकसभा में कॉन्ग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी के विवादस्पद बयानों की झड़ी लगी हुई है। कश्मीर को UN का मसला बताने के बाद अब वह केंद्र सरकार पर POK (पाक-अधिकृत, गुलाम कश्मीर) से पल्ला झाड़ लेने का आरोप लगाते पाए जा रहे हैं।

देश जनता से बनता है न कि जमीन के टुकड़ों से कहकर राहुल गाँधी ने ट्विटर पर कई लोगों को किया ब्लॉक

“जम्मू-कश्मीर को 2 हिस्सों में बाँटकर, जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को जेल में डालकर और संविधान का उल्लंघन करके देश को एकजुट नहीं रखा जा सकता। देश उसकी जनता से बनता है न कि जमीन के टुकड़ों से। सरकार द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंंभीर खतरा साबित हो सकता है।”

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें