प्रदेश भाजपा का कहना है कि इससे सरकारी खजाने को 4000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं सीएम सिद्दारमैया का कहना है कि जिस जमीन के बदले उनकी पत्नी को जमीन दी गई वो उनके साले ने अपनी बहन को गिफ्ट की थी।
जज ने अपने आदेश में कहा कि कुछ “आरोपित किसी पार्टी से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कानून और व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और न ही कानून में ऐसा कोई प्रावधान है।”