ओवैसी के ये सारे आरोप महज राजनीति से ही प्रेरित नजर आते हैं क्योंकि प्रधामंत्री कार्यालय की तरफ से इस संदर्भ में जो प्रेस रिलीज जारी की गई है, उसमें यह स्पष्ट तौर पर रेखांकित है कि प्रधामंत्री इस विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली मीटिंग में सिर्फ उन्हीं राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से बात करेंगे, जिनके सदस्यों की संख्या दोनों सदनों में मिलाकर कम से कम 5 है।
26 तबलीगी जमात के सदस्यों को दरियापुर से लाकर सोला के सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया था। जब मेडिकल टीम ने उनकी जाँच करने की कोशिश की, तो उन्होंने जाँच करवाने से मना करते हुए हँगामा खड़ा कर दिया। इनका आरोप था कि सरकार इन्हें जान से मारने की कोशिश कर रही है।
भारत में पावर ग्रिड की कितनी क्षमता है और कितने वाट का अतिरिक्त भार वो सहन कर सकता है, लिबरल गैंग को यह समझाना भैंस के आगे गिटार बजाने जैसा होगा। इसीलिए, यहाँ ऐसी चुनौतियाँ गिनाई जा रही हैं, जिसे लिबरल गैंग ने नज़रअंदाज़ कर दिया।
जहाँ मरकज बना हुआ है, वहाँ पहले एक छोटा सा मदरसा होता था। मदरसा भी नाममात्र जगह में ही था। यहाँ क्षेत्र के ही कुछ लोग नमाज पढ़ने आते थे। लेकिन 1992 में मदरसे को तोड़कर बिल्डिंग बना दी गई।
ट्विट्टर यूजर्स का कहना है की टिकटॉक ऐप जिहाद और अफवाहों का मुख्य स्रोत बन चुका है, इसलिए इसे बंद करना जरूरी है। ट्विटर पर टिकटॉक को जिहादी बताया जा रहा है और इसे बैन करने की माँग की जा रही है।
10 इंडोनेशियाई नागरिकों के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। इनके खिलाफ टूरिस्ट वीजा नियमों के उल्लंघन करने के आधार पर FIR दर्ज हुई। गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि मारन ने बताया कि एक लोकल गाइड और उन चार लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया गया है, जिन्होंने इन सभी को छुपाए रखने की कोशिश की थी।
अबरार ने जो फर्जी न्यूज शेयर की थी, उसमें कहा गया था कि वैष्णो देवी के मंदिर में फँसे 400 लोगों में से 145 लोगों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। बाकियों का टेस्ट जारी है और नए मामले भी सामने आ सकते हैं।
“जब मेरी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो मैंने 108,102,1031 आदि कई हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। मगर संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद मैंने दिल्ली पुलिस को कॉल किया, जो 20 मिनट में हमारे पास पहुँची और हमें अस्पताल ले गई।"
ये पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की हरकत की है। कुछ ही दिनों पहले स्पेन ने चीन से 467 मिलियन यूरो के चिकित्सा उपकरण खरीदे थे, जिसमें 950 वेंटिलेटर्स, 5.5 मिलियन टेस्टिंग किट्स, 11 मिलियन ग्लव्स और 50 करोड़ से ज्यादा फेस मास्क शामिल थे। इन खरीदी गईं मेडिकल टेस्टिंग किट्स व उपकरणों में से ज्यादातर किसी काम के नहीं थे।
एक अप्रैल को शहर के जिस इलाके में डॉक्टरों पर पथराव किया गया था वहॉं से 10 संक्रमित मिले हैं। मरने वालों में 42 वर्षीय व्यक्ति से लेकर 80 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं। इस बीच एक संक्रमित लड़की के लिफ्ट लेकर अस्पताल से घर पहुॅंच जाने का मामला भी सामने आया है।