ये वही पुलिस है, जिसने साधुओं की कोई मदद नहीं की। वृद्ध साधु जब पुलिसकर्मी के हाथ पकड़ता, तो उसका हाथ झटक दिया गया था। लगातार दो दिन अलग-अलग तरह की हिंसक वारदात हुई लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई।
जनता कर्फ्यू के दिन घंटी-थाली बजाने पर पड़ोस में ही रहने वाले 7-8 मुस्लिम युवकों ने मृतक रेवत सिंह (रेवंत सिंह के घर जाकर उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए कहा था कि यहाँ किसी मोदी का नहीं, बल्कि उनका कानून चलता है। जैसा वो कहेंगे उन्हें मानना होगा।