Homeदेश-समाजसोशल डिस्टेंस की अपील कर रहे होमगार्ड का गला दबाने वाला दिलदार अंसारी गिरफ्तार

सोशल डिस्टेंस की अपील कर रहे होमगार्ड का गला दबाने वाला दिलदार अंसारी गिरफ्तार

झड़प का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद कई लोगों ने इस पर कार्रवाई की माँग की। वीडियो में होमगार्ड के जवान के साथ दिलदार अंसारी को अभद्र व्यवहार और बदसलूकी करते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है।

झारखंड के गोड्डा जिला स्थित ललमठिया चौक पर लॉकडाउन का पालन करने का निर्देश दे रहे होमगार्ड के साथ झड़प करने वाले दिलदार अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अंसारी ने होमगार्ड के जवान के साथ उस समय हाथापाई की जब वो लोगों से कोरोना वायरस के दौरान घोषित लॉकडाउन के नियमों का पालन करने का निर्देश देते हुए उन्हें भीड़ ना करने की अपील कर रहे थे।

झड़प का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद कई लोगों ने इस पर कार्रवाई की माँग की। वीडियो में होमगार्ड के जवान के साथ दिलदार अंसारी को अभद्र व्यवहार और बदसलूकी करते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है।

लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का सुझाव देते समय ही कुछ आसामजिक तत्वों ने होमगार्ड के साथ हाथापाई शुरू कर दी और उनका गला दबाने तक की भी कोशिश की। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिलदार अंसारी ने झड़प के दौरान होमगार्ड की वर्दी उतरवाने की भी धमकी दी। होमगार्ड के साथ बदसूलकी करने वाला दिलदार अंसारी लालगुटवा ललमटिया थाना क्षेत्र का ही रहने वाला बताया जा रहा है।

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार जब लोगों ने इस बारे में ललमटिया थाना प्रभारी जावेद अहमद को बताया तो उन्होंने इस मामले की जानकारी होने से मना कर दिया। लोगों ने ट्विटर पर गोड्डा पुलिस से इस मामले पर संज्ञान लेने की भी अपील की। वायरल हुए इस वीडियो के संदर्भ में ललमटिया थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद घटना के मुख्य अभियुक्त दिलदार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि यह पुलिस के साथ बदसलूकी का पहला मामला नहीं है, देशभर में निरंतर पुलिस और डॉक्टर्स के साथ बदसलूकी करने के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। खासकर मुस्लिम समुदाय ने जाँच करने गई डॉक्टर्स की टीम या फिर व्यवस्था बना रहे पुलिसकर्मियों को अपना निशाना बनाया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -