बच्ची ने अब्दुल हामिद बहादुर अंसारी के कुकृत्यों के बारे में बताया, तो माता-पिता ने पुलिस में केस दर्ज कराया। आरोपित के ख़िलाफ़ पोस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। उसे बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
उत्तरी तेलंगाना में हुए इस घटना के बाद स्थानीय आदिवासी और दलित सड़क पर हैं। परिजनों का कहना है कि अभी तक किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
“आखिरी बार जब उसने मुझसे बात की थी, तो वो रास्ते में थी। उसने मुझसे फल काटकर रखने के लिए कहा था। उसने कहा था कि उसे बहुत भूख लगी है। लेकिन... मैं चाहती हूँ कि वे उसी तरह से जले, जैसे उसने मेरी बेटी को जलाया।”
लगभग दो महीने पहले दानापुर खगौल से मोहम्मद दानिश नाम का मैथ टीचर अपनी ही 15 वर्षीय स्टूडेंट, जो कि दूसरे धर्म की बताई जाती है को लेकर फरार हो गया था और उसका धर्मांतरण कराने की भी फिराक में था।
महिला, उसके पति व शिशु को मार डालने के बाद नसीरुद्दीन ने उनकी 10 वर्षीय बेटी के साथ भी रेप किया। फिर उसने तीनों मृतकों की लाशों के साथ भी रेप किया, उसका वीडियो भी बनाया। इसके बाद उसने उनके 4 साल के बेटे पर भी हमला कर दिया। नसीरुद्दीन कई राज्यों में ऐसे भयावह अपराध को अंजाम दे चुका है। वह ड्रग्स और कंडोम लेकर चलता है।
"हमारे सिस्टम में अक्सर परीक्षाएँ नहीं होती हैं क्योंकि दुर्लभ मामलों में मौत की सजा दी जाती है। इसलिए, पूर्णकालिक जल्लाद व्यवहार्य नहीं है। इसके अलावा इस नौकरी के लिए पूर्णकालिक कर्मचारी ढूँढना मुश्किल काम है।”
अगर आँकड़ों की बात करें तो प्रति 1000 की जनसंख्या पर उन देशों में बलात्कार की औसत घटनाएँ भारत से ज्यादा ही होती हैं। यहाँ हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या वेश्यावृत्ति और पोर्नोग्राफी को लीगल करने से रेप में कमी आएगी? इसका जवाब है- नहीं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिन्हें आपको समझना होगा।
घटना के 4 दिन बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि वो इस ख़बर से व्यथित हैं। मुख्यमंत्री ने फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाए जाने की बात कही है। लोग पुलिस व प्रशासन से नाराज़ हैं।
पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी के छात्रावास के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया था। घटना से आहत पीड़िता के पिता के अलावा कॉलेज के कुछ अन्य छात्रों ने शव को लगभग 12 घंटे तक पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।