सोमवार को मंडी हाउस में प्रदर्शनकारियों द्वारा सीएए के विरोध में मार्च निकालने के आह्वान पर दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया था कि, यहाँ कोई विरोध-प्रदर्शन या धरना देने का स्थान नहीं है, किसी को धरना देना या विरोध-प्रदर्शन करना है तो वह जंतर-मंतर जाए।
छोटा शकील ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को नकार दिया है। दाऊद के मुख्य गुर्गा रहे शकील ने कहा कि वो ऐसी कोई भी साज़िश नहीं रच रहा है। उसने कहा कि वो किसी को भी निशाना बनाने नहीं जा रहा है, ये सब झूठ है। हालाँकि, पुलिस को सूचना मिली है कि शकील ने अत्याधुनिक हथियार भी जुटा लिए हैं।
कपिल गुर्जर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उसको परिवार में होने जा रही एक शादी की तैयारी के लिए अक्सर लाजपत नगर जाना पड़ता है और इस कारण वह रोज-रोज के ट्रैफिक जाम से ऊब गया था। अब उसके भाई व पिता से पूछताछ हुई है।
गुंजा कपूर के साथ हुई घटना की सच्चाई इससे कहीं ज्यादा भयावह और डरावनी है, जितना कि टीवी पर दिखाई गई। गुंजा के साथ ना सिर्फ बदसलूकी की गई, बल्कि उनके साथ हाथापाई भी की गई। भीड़ ने गुंजा से इस्लामिक नारे लगाने के लिए कहा। भीड़ में से एक शख्स ने उससे कलीमा (ला इलाहा इल्लल्लाह) पढ़कर...
इससे पहले आप नेता संजय सिंह ने कहा था कि, यह कैसे संभव है कि देश की राजधानी दिल्ली में एक अकेला व्यक्ति आसानी से गोली चला रहा है और खुलेआम हथियार लहरा रहा है?"
दिल्ली पुलिस के मुताबिक शरजील अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आना चाहता था। वह आर्टिकल 370, अयोध्या और सीएए को लेकर मुस्लिमों को कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए लगातार भड़का रहा था।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सड़क को दोनों ओर दो स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई है। इसके साथ ही धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है।
कपिल मायावती का बड़ा प्रशंसक है, जिसने मायावती के समर्थन में यूपी के विधानसभा चुनावों में जमकर प्रचार किया था। हालाँकि पेंच यह भी है कि जून 2017 से ही आरोपित युवक कपिल का फेसबुक अकाउंट बंद है। अब इसे लेकर पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है और...
"हमें इनके प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन कर लें। लेकिन धरना जल्दी से जल्दी खत्म कर सड़क खुलवाई जाए।"
साकेत ने ट्वीट कर दावा किया था कि उसे 'देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को' नारे के साथ रैली की अनुमति मिली है। बिना पुष्टि के कई मीडिया हाउस ने इसे हवा दी। इनमें प्रोपेगेंडा साइट द वायर से लेकर कॉन्ग्रेस मुखपत्र नेशनल हेराल्ड तक शामिल है।