सऊदी से लौटी जिस महिला के कारण मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टर, उनकी पत्नी, बेटी समेत कई लोगों पर ये आफत आ बनी है, वो दिल्ली में कोरोना का 10वाँ केस है। इस महिला का भाई भी कोरोना संक्रमित है जो सीएए विरोधी प्रदर्शनों में जाता रहा है।
उन्होंने 16 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की थी कि वो इस 'पागलपन' पर लगाम लगाएँ और साथ ही अपने पिता के दुःख को साझा किया था। लेकिन, शाहीन बाग़ वालों का सीएए विरोधी प्रदर्शन अनवरत जारी रहा और मिन्टी के पिता की मृत्यु हो गई।
दिल्ली में अब तक 30 मामले सामने आए हैं जिनमें से 5 का संबंध इस महिला से है। महिला द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण संक्रमित हुए लोगों में महिला की दो बेटियाँ, उसका भाई, माँ और एक डॉक्टर शामिल हैं। इस डॉ की वजह से मोहल्ला क्लिनिक में आने वाले न जाने कितने मरीज भी संदेह के दायरे में......
उत्तरी दिल्ली में एक शख्स ने मणिपुर की एक महिला पर पान थूका और फिर कोरोना कहकर वहाँ से भाग गया। इसके बाद मणिपुर की महिला ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई। विजयनगर थाने की पुलिस ने आरोपित शख्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
दिल्ली के जामिया नगर इलाके में एक कॉलोनी है- अबुल फजल। ये कॉलोनी रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान चर्चा में रही। कारण यहाँ की गलियों में गूँजे ‘आजादी’ के नारे! ये वैसे ही आजादी के नारे थे, जिन्हें कभी कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा गला फाड़ चिल्लाया जाता था और जिनका समर्थन पाकिस्तान के आतंकी...
रिसर्च टीम में पीएचडी स्कॉलर प्रशांत प्रधान, आशुतोष पांडे और प्रवीण त्रिपाठी, पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोज डॉक्टर पारुल गुप्ता और अखिलेश मिश्रा एवं प्रोफेसर विवेकानंद पेरुमत, मनोज बी मेनन, जेम्स गोम्स और बिश्वजीत कुंडु शामिल हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कई राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान आदि के पूरी तरह लॉक डाउन किए जाने और देश भर के कोरोना प्रभावित 75 जिलों के लॉक डाउन के बाद अब दिल्ली में सीआरपीसी सेक्शन 144 लागू कर दिया गया है। इससे 4 से ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने को प्रतिबंधित किया गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि हो सकता है कि शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया हो। हालाँकि, इस सम्बन्ध में अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।
एक व्यक्ति ने IAS अधिकारी वर्षा को सलाह दी कि वे दूसरे संसाधनों का प्रयोग करते हुए डॉक्टरों को सैलरी दें। वर्षा ने कहा कि अगर उनके पास दूसरे संसाधन होते तो फिर वो सैलरी के लिए दिल्ली सरकार के फंड्स का इन्तजार ही क्यों करती?
केजरीवाल ने आज कहा कि राजधानी में किसी भी जगह पर 5 या इससे ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। यदि पाँच या उससे ज्यादा लोग एक साथ कहीं इकट्ठा होते हैं तो उन्हें एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए।