प्रवासियों की कठिनाई को देख कर 'मगध-मित्र' का सोशल मीडिया पर जन्म हुआ। इसका उद्देश्य राजनैतिक दलों की सीमाओं से उठ कर, जिस राज्य अथवा शहर में जिस किसी वालंटियर या स्वयंसेवक समूह का कार्यक्षेत्र हो, उससे वहाँ फँसे श्रमिकों तक सहायता पहुँचाना था।
पलायन अवसर भी है और अभिशाप भी। लेकिन देश की हिंदी पट्टी के लिए यह मजबूरी ही दिखती है। आर्थिक सुरक्षा के लिए ही महानगरों में पहुॅंचने वाले लोगों को जब यह सुरक्षा खतरे में दिखी तो उन्होंने घर लौटने में भलाई समझी। लॉकडाउन बढ़ने और घर तक जाने के लिए बस की व्यवस्था की अफवाहों ने उन्हें सड़क पर उतार दिया।
ICMR के रमन गंगाखेडकर ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे देश में अब तक कोरोना वायरस के 1,07,006 टेस्ट किए गए हैं। वर्तमान में 136 सरकारी प्रयोगशालाएँ काम कर रही हैं। इनके साथ में 59 और निजी प्रयोगशालाओं को टेस्ट करने की अनुमति दी गई है, जिससे टेस्ट मरीज के लिए कोई समस्या न बन सके। वहीं 354 केस बीते सोमवार से आज तक सामने आ चुके हैं।
पुलिस ने जमातियों व उनके मददगारों सलाउद्दीन, साहिल, खुदाद्दीन, शाकिर अली व हाजी हमीद के विरुद्ध धारा 188, 269, 271 आइपीसी व 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
पिछले 24 घंटों में दिल्ली में एक व्यक्ति की मौत हुई है। 25 ऐसे मरीज हैं, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। 8 को वेंटीलेटर की ज़रूरत पड़ी है। बाकियों की स्थिति अभी ठीक है। दिल्ली के सीएम ने माना है कि मरकज़ में हुए इस्लामी कार्यक्रम से ही कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है।
कोरोना के मद्देनजर क्वारंटाइन किए गए लोगों के फोन नंबर एसएचओ को मुहैया कराया गया था। जिनका इस्तेमाल क्वारंटाइन किए गए लोगों की मूवमेंट जानने के लिए किया गया।
ये सभी लोग दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में छुपे हुए थे। लॉकडाउन के दौरान भारत में फँसे अन्य मलेशियाई नागरिकों को स्वदेश पहुँचाने के लिए मलेशियाई उच्चायोग द्वारा विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी। इन 8 जमातियों ने इस विशेष उड़ान का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश की।
एक महिला ने कहा कि एक तरफ़ कोरोना वायरस से संक्रमण का प्रकोप है, दूसरी तरफ़ कोई मरने के लिए कीड़ों वाला खाना क्यों खाएगा? महिला ने कहा कि खाना अधपका है, जिससे बच्चों के भी बीमार होने का ख़तरा है।