नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में कहीं भी इस बात का बिल्कुल ही जिक्र नहीं है कि अंग्रेजी को एकदम हटाया जाए। इस नीति में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो भी विदेशी भाषा है, उसको विदेशी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा।
तीन दशकों में पूरी दुनिया के सोचने, समझने और शिक्षा को बेहतर तरीके से पहुँचाने का तरीका बदल जाता है, लेकिन भारत उसी वामपंथी नीति पर अटका था, जो कि इसकी जड़ों को दीमक की तरह खोखला करता रहा।
नई शिक्षा नीति पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि इस नीति गुणवत्ता, पहुँच, जवाबदेही, सामर्थ्य और समानता के आधार पर एक समूह प्रक्रिया के अंतर्गत बनाया गया है।
आशिक ने फूड एंड एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (PGPFABM) के जिस दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश लेना चाहा है। जिसकी फीस बहुत ज्यादा है। कोर्स की इतनी ज्यादा फीस का पता लगते ही आशिक का सपना जैसे कहीं अटक गया।
भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति (NEP) को मंजूरी देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर शिक्षा मंत्रालय कर दिया है। जानिए क्या-क्या होंगे बदलाव।