वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पिछले 5 सालों में मोदी सरकार ने सिर्फ ऑयल बॉन्ड्स के ब्याज पर ही 70,195.72 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और साल 2026 तक 37,000 करोड़ रुपए ब्याज का भुगतान किया जाना है।
देशभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। महामारी के हालात को देखते हुए केंद्र ने 25 राज्यों की ग्राम पंचायतों के लिए 8923.8 करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी की है।
मोदी सरकार की ओर से दी गई राहत का सीधा मतलब यह है कि जिन लोगों ने लोन मोरेटोरियम का लाभ लिया है, उन्हें ब्याज पर अतिरिक्त पैसे नहीं देने होंगे। ग्राहक सिर्फ लोन का सामान्य ब्याज देंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मई में घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कई योजनाओं पर वित्त मंत्रालय ने प्रगति रिपोर्ट पेश की है।
सरकार को सभी तरफ से आने वाली सहायता को मना कर देना चाहिए और जिन लोगों ने पत्र पर दस्तखत किए हैं, उनकी संपत्ति को सार्वजनिक संपत्ति मानकर इस्तेमाल करना चाहिए।
1) 2006 से 2016 तक 27.1 करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से निकाला गया। 2) डिपॉजिट इन्सुरेंस कवर को 1 लाख रूपए प्रति व्यक्ति से बढ़ा कर 5 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया। ऐसे ही 25 पॉइंट्स में समझें पूरा बजट। जानें किस मंत्रालय को मिला कितना आवंटन।
जिसकी वार्षिक आय 10 लाख रुपए से लेकर 12.5 लाख रुपए तक है, उनके लिए इनकम टैक्स रेट अभी 30% था। इसे घटा कर 20% कर दिया गया है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वालों के लिए टैक्स रेट 15% कर दिया गया है।