कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार की कहानियाँ अंतहीन है। इन्हीं में से कुछ नृशंस घटनाओं को फिर बता रहे हैं ताकि याद रहे घाटी में तब हिंदुओं के साथ क्या हुआ था।
जगन्नाथ पंडित उस दिन अपनी नौकरी करके घर लौटे तो उनके नौकर ने कहा कि कुछ लोग बुला रहे हैं। जब वह बाहर गए तो सामने आतंकवादी थे जिन्होंने उनको बाग में मारा।