उधर AES से हो रही मासूमों की मौतें थमने का नाम नहीं ले रही, इधर बिहार में गर्मी व लू का ऐसा प्रकोप चला है कि 161 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। दक्षिण-पूर्वी बिहार में गर्मी का प्रकोप भयंकर तरीके से बढ़ गया है और मरने वालों में अधिकार बुज़ुर्ग हैं।
आज बिहार लाचार है। बिहार के ग़रीब परिवारों के सामने उनके बच्चों की जानें जा रही हैं और सरकारें हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। आज बिहार के इन ग़रीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। अस्पताल के अधिकारी भी इन्हें फटकार रहे हैं। 93 मौतों वाली भयंकर त्रासदी।
मुजफ्फरपुर व वैशाली के विभिन्न अस्पतालों में इस बीमारी से एक दिन के भीतर 25 बच्चों के मरने की ख़बर के बाद क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। पिछले एक सप्ताह में 56 बच्चों की मौत हुई है। 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हो गई थी।
अब उज्ज्वला के एक ऐसे फायदे के बारे में पता चला है, जो एक रिसर्च के बाद सामने आया है। इसनें स्वास्थ्य में भी योगदान दिया है। जहाँ-जहाँ एलपीजी का प्रयोग होता है, वहाँ श्वाँस रोगियों की संख्या में 20% कमी पाई गई।