"एक अधिवक्ता एक समय में एक से अधिक न्यायालय में उपस्थित नहीं रह सकता है, ऐसे में प्रकरणों को पासओवर करने की बजाए इसे डिसमिस कर देना उचित नहीं है लेकिन ये आम होता जा रहा है।"
जस्टिस दाश बीते 15 वर्षों से हाई कोर्ट में जज थे। वह कलकत्ता हाई कोर्ट तीसरे सबसे वरिष्ठ जज थे। वह कलकत्ता हाई कोर्ट से पहले ओडिशा हाई कोर्ट में भी जज रहे हैं।